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नियुक्तियों में पारदर्शिता से बढ़ा युवाओं का विश्वासः धामी

शहरी विकास, कौशल विकास एवं पशुपालन विभाग में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
देहरादून (उद संवाददाता)। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को मंगलवार को आयोजित भव्य समारोह में नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं और अपेक्षा जताई कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ राज्य की सेवा करेंगे। नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण आज युवाओं का सरकारी व्यवस्थाओं पर विश्वास मजबूत हुआ है। उत्तराखण्ड में सरकारी नौकरियों में लंबे समय तक भ्रष्टाचार, सिफारिश और भाई भतीजावाद की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगाकर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता योग्यता आधारित चयन सुनिश्चित करना है, ताकि प्रतिभाशाली युवाओं को उनके परिश्रम का उचित सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में नकल माफिया और भ्रष्ट तंत्र के िखलाफ सरकार ने कठोर कार्रवाई की है। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रिया को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया गया है। इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश का युवा बिना किसी भय और संदेह के प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर पारदर्शी ढंग से नियुक्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है। यह केवल रोजगार देने का कार्य नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने और उनके परिवारों के भविष्य को मजबूत बनाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। सरकार युवाओं को रोजगार देने के साथ साथ स्वरोजगार और कौशल विकास के अवसर भी उपलब्ध करा रही है। कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, वह केवल एक नौकरी नहीं बल्कि जनता की सेवा का अवसर है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपने कार्यों से विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाएंगे और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवक के रूप में कार्य करते समय जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था को बढ़ावा मिला है। उसी भावना के अनुरूप उत्तराखण्ड सरकार भी सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य में विकास योजनाओं के साथ साथ रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि युवाओं को अपने प्रदेश में ही बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए आवश्यक है कि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राज्य निर्माण में करें। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, राम सिंह कैड़ा, विधायक सविता कपूर आदि भी मौजूद रहे।


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