ज्वलंत मुद्दों पर मुख्यमंत्री बुलायें विशेष सत्रः कापड़ी
रूद्रपुर (उद संवाददाता)। वर्तमान में प्रदेश में उठ रहे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी दिया गया है। पत्रकारों से बातचीत करते प्रदेश विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि प्रदेश आज अनेक गंभीर व जनहित से जुड़े कई मुद्दों से जूझ रहा है। जिससे राज्यवासियों में चिंता व असंतोष है। उन्होंने कहा कि आज से कई दशक पूर्व तत्कालीन सरकार ने कई गरीब लोगों को वनभूमि में बसाकर उन्हें खेती व रोजगार करने के अवसर दिये थे। ताकि देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले। ऐसे लोगों को वनवासी का दर्जा दिया गया। श्री कापड़ी ने कहा कि वर्ष 1980 में कई राज्यों में ऐसे कई ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा भी दिया गया। लेकिन राज्य गठन के बाद उत्तराखण्ड इसमें पीछे रहा गया। आज भाजपा सरकार ऐसे लोगों को वनभूमि पर अतिक्रमणकारी बताकर उनके खिलाफ मुहिम चला रही है। जबकि करीब 28 विभाग ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। वनभूमि पर बसे लोगों को आज तक भूमि अधिकार नहीं मिल पाये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था लचर अवस्था में पहुंच गई है। लूट, हत्या, डकैती, बलात्कार, नशा कारोबार, खनन आदि अपराध लगातार बढ़ते जा रहे है। श्री कापड़ी ने कहा कि अनेक संगीन मामलों में भाजपा के जनप्रतिनिधि व पदाधिकारियों पर भी आरोप लगाये गये हैं। निश्चित रूप से ऐसे आरोपियों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की लगातार मांग कर रही है। ताकि दोषियों को सजा मिल सके । लेकिन भाजपा सरकार इससे पीछे हट रही है। श्री कापड़ी ने कहा कि जब संविधान की धाराएं बदलने के लिए लोकसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है तो प्रदेश के ज्वलंत जन मुद्दों पर चर्चा के लिए सत्र क्यों नहीं बुलाया जा सकता? उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए जनमानस द्वारा की जा रही सीबीआई जांच की मांग का कांग्रेस समर्थन कर आन्दोलन कर रही है। वार्ता के दौरान महानगर अध्यक्ष ममता रानी, महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मीना शर्मा, संदीप चीमा, सीपी शर्मा, संजीव रस्तोगी, अर्जुन विश्वास, उमा सरकार, अनिल शर्मा, योगेश चौहान आदि भी मौजूद थे।
