सीएम धामी की पत्नी गीता धामी के छलके आंसू : प्रदेश की सेवा के लिए आज तक एक भी दिन की नहीं ली है छुट्टी !
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल : संबोधन के दौरान अपनी सास और सीएम धामी का जिक्र कर रो पड़ी
देहरादून। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव2026 के समापन समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी ने जब मुख्यमंत्री के समर्पण की बात की, तो उनकी आंखें भर आईं। मंच से संबोधित करते हुए गीता धामी ने अपने पति के संघर्षों और प्रदेश के प्रति उनकी निष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी का जीवन पूरी तरह उत्तराखंड की जनता को समर्पित है। गीता धामी ने रुंधे गले से कहा, मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने (पुष्कर सिंह धामी) प्रदेश की सेवा के लिए आज तक एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है। उनके लिए परिवार से ऊपर उत्तराखंड का विकास और यहाँ के लोगों की खुशहाली है। देहरादून के परेड ग्राउंड में चल रहे उत्तरायणी महोत्सव के समापन समारोह के दौरान सेवा संकल्प फाउंडेशन की अध्यक्ष और सीएम धामी की पत्नी गीता धामी अपने संबोधन के दौरान अपनी सास का जिक्र कर रो पड़ी। दरअसल गीता धामी अपनी सास के त्याग की बात कर रही थी। उन्होंने कहा कि अगर मेरी सास ने घर नहीं संभाला होता, तो पुष्कर सिंह धामी कैसे निकलते? उन्होंने आजतक एक दिन भी अपना घर नहीं देखा, सिर्फ प्रदेश की सेवा में लगे रहे। ये बोलते-बोलते गीता धामी की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने सीएम धामी द्वारा राज्य हित में लिए गए कड़े निर्णयों और विकास कार्यों की उपलब्धियों को भी जनता के सामने रखा। गीता धामी ने अपने संबोधन में सरकार की नीतियों का भी बखान किया। उन्होंने कहा सरकार नकल विरोधी कानून लेकर आई है। इस कानून की वजह से प्रदेश के हजारों नौजवानों को सरकार नौकरी मिली है। इसके साथ ही उन्होंने यूसीसी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कई लोगों ने ये भी आरोप लगाया था कि UCC के जरिए प्रदेश में लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता दी जा रही है जो धर्म के खिलाफ है। इसी पर गीता धामी ने अपने पती का बचाव करते हुआ कहा की लिव इन रिलेशनशिप को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने मान्यता दी है। सीएम धामी ने तो सिर्फ इसे लेकर नियम कानून बनाए हैं। गीता धामी ने अपने संबोधन में आगे ये भी कहा कि मैं ये सिर्फ एक पत्नी होने के नाते नहीं बोल रही हूं। मेरे आंसू जरूर एक पत्नी के हैं, लेकिन मुख्यमंत्री धामी की मेहनत को मैंने सबसे करीब से देखा है। जैसे ही गीता धामी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा लोग इसे लेकर अलग अलग तरह के रिएक्शन देने लगे गीता धामी ने अपने संबोधन में आगे ये भी कहा कि मैं ये सिर्फ एक पत्नी होने के नाते नहीं बोल रही हूं। मेरे आंसू जरूर एक पत्नी के हैं, लेकिन मुख्यमंत्री धामी की मेहनत को मैंने सबसे करीब से देखा है। जैसे ही गीता धामी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा लोग इसे लेकर अलग अलग तरह के रिएक्शन दे रहे है। वहीं कई यूजर गीता धामी का वीडियो शेयर कर सीएम पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की जमकर तारीफ भी कर रहे है। हांलाकि कई यूजर धामी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर इस वीडियो को अंकिता के रोते हुए माता पिता के आंसू से जोड़ रहे है।
