सरकारी कार्यालयों में किसी भी प्रकार की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने दिए भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र की तैयारियों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
देहरादून । सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित सचिव समिति की बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। मुख्य सचिव ने भराड़ीसैंण में प्रस्तावित आगामी विधानसभा सत्र की समुचित तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल, कार्यपूर्ति दिग्दर्शिका, मानक प्रचालन कार्यविधि ;एसओपीद्ध और सैनिटेशन व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने पर विशेष बल दिया। अनुशासन और सुशासन का कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में किसी भी प्रकार की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त प्रवर्तन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।बैठक में मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री द्वारा राज्य में किए गए सभी शिलान्यास कार्यों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने ई-ऑफिस और डिजिटल फाइलिंग के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जनपदों की सराहना की और सभी निदेशालयों को डिजिटल प्रगति में और तेजी लाने के निर्देश दिए। श्अडॉप्ट ए विलेजश् योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कम प्रगति वाले जनपदों को कार्य में गंभीरता लाने को कहा। साथ ही, जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रवासियों का डेटा तैयार कर उनसे समन्वय स्थापित करें, ताकि उनके अनुभव और तकनीक का लाभ प्रदेश के विकास में लिया जा सके।राजस्व परिषद की आयुक्त सह सचिव रंजना राजगुरु ने एग्री स्टैग योजना का प्रस्तुतीकरण देते हुए कृषि विकास योजनाओं में तेजी लाकर केंद्र से मिलने वाले प्रोत्साहन का लाभ उठाने पर जोर दिया। वहीं, जिलाधिकारी टिहरी ने जीआईएस के माध्यम से गवर्नेंस को गति देने और भूमि अधिग्रहण मुआवजे के त्वरित निस्तारण पर वर्चुअल प्रस्तुति दी, जिसकी सराहना की गई। जिलाधिकारी उधम सिंह नगर ने भी सतत कृषि और जल संरक्षण से जुड़ी अपनी पहल को साझा किया। मुख्य सचिव ने अंत में सभी जिलाधिकारियों को अंतर- विभागीय समन्वय और पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख सचिव धनंजय चतुर्वेदी, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रोपवे परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं के विकास, संचालन और रखरखाव को लेकर संबंधित विभागों, हितधारकों और पीपीपी कंपनियों के साथ प्रथम बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जनपदों में गतिमान और प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इन परियोजनाओं को प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जिलाधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने निर्देशित किया कि विजिबिलिटी स्टडी जैसी प्रक्रियाओं को प्रारंभिक चरण में ही हाई पावर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि सभी पक्षों पर समय रहते विचार-विमर्श हो सके। उन्होंने रोपवे से संबंधित प्रस्तावों की त्वरित जांच कर सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा ताकि अनावश्यक विलंब से बचा जा सके। बैठक में पीपीपी मोड पर बनने वाली परियोजनाओं के तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक अनुमोदनों सहित सभी औपचारिकताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने पर जोर दिया गया।बैठक के दौरान देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना में हो रही देरी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव ने इसकी प्रगति में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन, सरकारी निर्माण एजेंसियों, लोक निर्माण विभाग और पुलिस के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर स्थानीय चुनौतियों को हल करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन मुद्दों को हाई पावर कमेटी या बोर्ड के समक्ष रखा जाना है, उन्हें समय से प्रस्तुत किया जाए। इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, पंकज पांडेय, धीरज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रूहेला, एनएचएलएमएल से प्रशांत जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
