मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश : कुमाऊं कमिश्नर को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश-न्याय में देरी नहीं होने दूंगा, सच सामने आकर रहेगा
देहरादून/रूद्रपुर। हल्द्वानी में काशीपुर के किसान द्वारा आत्महत्या करने और आत्महत्या के पूर्व एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने से जुड़े मामले को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहद गंभीरता से लिया है। मामला प्रकाश में आते ही मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से पूरे प्रकरण की विस्तार से जानकारी ली और मामले की गंभीरता को देखते हुए समूचे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। मजिस्ट्रियल जांच के आदेश के साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने प्रशासन को आदेशित किया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। सीएम धामी ने स्पष्ट कहा है कि यह घटना अत्यंत दुखद और गंभीर है, इसे किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने जांच अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले की जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंप दी गई है। खास बात तो यह है की जांच अधिकारी नामित होने के बाद कुमाऊं कमिश्नर इस दिशा में तुरंत सक्रिय भी हो गए हैं और उनके द्वारा एक सार्वजनिक अपील के माध्यम से कहा गया है कि मामले से संबंधित कोई भी जानकारी अथवा साक्ष्य किसी भी कार्य दिवस पर उनके दूरभाष नंबर या ईमेल ऐड्रेस पर अथवा कार्यालय में उपस्थित होकर दर्ज कराई जा सकती है। ज्ञात हो कि10 और 11 जनवरी की रात में काशीपुर पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के काठगोदाम में गौलापार स्थित एक होटल में आत्महत्या कर ली थी। घटना के वक्त होटल में उसकी पत्नी और बेटा भी मौजूद थे। आत्महत्या के बाद मृतक का एक वीडियो और सुसाइड नोट भी सामने आया है। किसान ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में अपलोड किया था। जिसमें उसने प्रॉपर्टी डीलर और उधम सिंह नगर के पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। किसान ने आईटीआई थाने के अधिकारियों और कर्मचारियों समेत अन्य लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
