टिहरी में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ
ऋषिकेश/टिहरी। देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा पर अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का ऐतिहासिक और भव्य शुभारंभ हो गया है। ऋषिकेश के गंगा तट और टिहरी की शांत वादियों में आयोजित इस गौरवशाली महोत्सव का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देवभूमि को योग, स्वास्थ्य और आध्यात्म की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने का अपना संकल्प दोहराते हुए दुनिया भर से आए योग साधकों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि आज योग किसी विशेष क्षेत्र की जागीर न रहकर पूरी दुनिया की जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश की नई योग नीति का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार के इन प्रयासों से उत्तराखंड को विश्व पटल पर एक नई और सुदृढ़ पहचान मिली है। सीएम ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के मिलन का विज्ञान है, जो मानवता को शांति और एकता का संदेश देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड के कण-कण में योग और आध्यात्म का वास है, और यहाँ की जलवायु योग साधना के लिए विश्व में सबसे उपयुक्त है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल योग का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय आर्थिकी को नई गति देना भी है। महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड के होमस्टे, स्थानीय हस्त शिल्प और पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश से शुरू हुई योग की यह लहर अब प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों तक पहुँच रही है, जिससे श्योग ग्रामश् की संकल्पना साकार हो रही है। सीएम ने आ“वान किया कि योग को हमें अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए ताकि एक स्वस्थ और समृद्ध भारत का निर्माण हो सके। इस सात दिवसीय महोत्सव में अमेरिका, यूरोप और एशिया के विभिन्न देशों सहित भारत के कोने-कोने से प्रख्यात योग आचार्य, अनुभवी प्रशिक्षक और हजारों जिज्ञासु भाग ले रहे हैं। महोत्सव के दौरान विभिन्न सत्रें में हठ योग, अष्टांग योग और ध्यान की सूक्ष्म विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे विदेशी मेहमानों ने भी देवभूमि की ऊर्जा और यहाँ के आतिथ्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और योग जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने इस आयोजन को उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कई साधु संत और गणमान्य लोग मौजूद रहे।



