नशेड़ियों के अड्डों पर चला बुलडोजर,जर्जर इमारतें जमींदोज
भारी हंगामे के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई- पार्किंग, मॉल और हॉल निर्माण का रास्ता साफ
किच्छा (उद संवाददाता)। शहर के बीचों-बीच जिला पंचायत की बेशकीमती भूमि पर लंबे समय से संचालित हो रहे नशेड़ियों के अड्डों और जर्जर भवनों को आज प्रशासन ने भारी विरोध के बीच ध्वस्त कर दिया। जिला पंचायत प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया। पिछले लंबे समय से ये जर्जर भवन अपराधियों और नशेड़ियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन चुके थे, जिससे स्थानीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हमले के बाद शुरू हुई कार्रवाई की तैयारी विगत दिनों इसी परिसर के पास स्थित फास्ट फूड मार्केट में एक नशेड़ी द्वारा एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया था। इस घटना के बाद स्थानीय जनता और व्यापारियों ने प्रशासन पर इन जर्जर इमारतों को गिराने का भारी दबाव बनाया था। इसी के अनुपालन में आज प्रातः जिला पंचायत परिषद के अधिकारी बुलडोजरों और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान नगर पालिका और तहसील प्रशासन ने भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दिया। जैसे ही बुलडोजर ने जर्जर ढांचों को गिराना शुरू किया, वहां रह रहे आधा दर्जन से अधिक परिवारों ने हंगामा खड़ा कर दिया। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पूर्व में कोई नोटिस नहीं दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए यह कार्रवाई गैर-कानूनी है। हालांकि, जिला पंचायत के अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मामला न्यायालय में जरूर है, लेकिन माननीय कोर्ट द्वारा कोई श्स्टेश् (स्थगन आदेश) निर्गत नहीं किया गया है। हंगामे को देखते हुए जिला पंचायत अधिकारियों ने मानवीय आधार पर शेष बचे भवनों में रह रहे लोगों को एक सप्ताह का समय देते हुए परिसर खाली करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने दोटूक कहा कि यदि निर्धारित समय में भूमि खाली नहीं की गई, तो दोबारा पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। जिला पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि इस भूमि पर जिला पंचायत परिषद द्वारा आधुनिक पार्किंग, व्यावसायिक भूखंड, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और एक विशाल हॉल बनाने का प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है। यह परियोजना आम जनता की सुविधा के लिए बनाई जा रही है। जिला प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि जर्जर भवनों में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए इन ढांचों का हटाया जाना जनहित में अनिवार्य था। ध्वस्तीकरण की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने मौके पर मोर्चा संभाले रखा। उनके साथ जिला पंचायत के कार्य अधिकारी हरिमोहन, अभियंता मोहन सिंह बिष्ट, कर संवाददाता राहुल जोशी, वीरेंद्र, किच्छा पटवारी चंद्रशेखर आर्य, एसआई मनोज कुमार सिंह, देवराज सिंह, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी दीपक शुक्ला और चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार सिंह सहित सैकड़ों कर्मचारी व पुलिसकर्मी तैनात रहे
