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सरकारी भूमि पर बनी दो अवैध मजारों पर चला बुल्डोजर

नोटिस की अवधि बीतने के बाद तड़के हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
किच्छा(उद संवाददाता)। सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत वन विभाग ने ऊधम सिंह नगर जिले में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने बाराकोली वन क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित दो मजारों को सोमवार तड़के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया। वन विभाग द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम देने से करीब दो माह पूर्व संबंधित ढांचों पर नोटिस चस्पा किया गया था, जिसमें भूमि संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय सीमा बीतने और कोई संतोषजनक उत्तर न मिलने के बाद विभाग ने ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों पर तराई पूर्वी वन प्रभाग, हल्द्वानी और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस अभियान को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी गौरव पांडे, तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी, क्षेत्रधिकारी भूपेंद्र सिंह धोनी और कोतवाली प्रभारी प्रकाश सिंह दानू विभिन्न थानों की पुलिस टीम के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद रहे। वन अधिकारी सावित्री देवी ने बताया कि धोरा डाम और गऊ घाट कट्टðरा क्षेत्र सहित आरक्षित वन भूमि पर किए गए सभी अतिक्रमणों को कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया गया है। तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागड़ी ने जिला प्रशासन को इस पूरी कार्रवाई से अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि किच्छा और सितारगंज वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डोला और पुलभट्टðा फॉरेस्ट रेंज में यह अवैध निर्माण किए गए थे। प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग के अनुसार, बाराकोली वन क्षेत्र में लगभग 0-25 हेक्टेयर भूमि को दो अवैध संरचनाओं से मुक्त कराया गया है। इससे पूर्व भी प्रभाग द्वारा 214-02 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि दोनों अवैध मजारों के विषय में विभाग ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए नोटिस जारी किए थे। इन मजारों के खादिमों द्वारा दो माह की अवधि बीत जाने के बाद भी विभाग को कोई साक्ष्य या जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद विभाग ने तड़के ही इन्हें ध्वस्त करते हुए मलबे को वन क्षेत्र से पूरी तरह हटा दिया है। एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि इन अवैध संरचनाओं के विषय में वन विभाग और जिला प्रशासन के बीच गहन विचार विमर्श किया गया था। सभी कानूनी पहलुओं की जांच और विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। शासन की इस मुहिम के तहत अभी तक प्रदेश भर में ऐसी 577 अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। वन विभाग की इस ताजा कार्रवाई से अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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