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कांग्रेस की बयानबाजी पर बीजेपी का पलटवारः विस सत्र में जनहित के मुद्दों पर चर्चा न करने का आरोप, 2027 में जनता करेगी जीरो

देहरादून। विधानसभा सत्र को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने तीखा जवाब दिया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पिछले चार सालों में सदन विपक्षी हंगामों का गवाह रहा है। ऐसे में आवाज दबाने, सत्रावधि कम होने या बजट प्रस्तुतिकरण को लेकर बहानेबाजी अब नहीं चलने वाली। उन्होंने कांग्रेस विधायकों को नसीहत दी कि सत्र में हंगामा करने के बजाय जनहित के मुद्दों की तैयारी करें, अन्यथा 2027 की परीक्षा में इस बार जीरो नंबर आना तय है। महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के सत्र संबंधी बयानों को तथ्यहीन और बेबुनियादी बताया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस और विपक्षी विधायकों का पिछले चार साल का रिकॉर्ड देखा जाए तो वह हंगामों और असंवैधानिक कृत्यों से भरा पड़ा है। जो आज सदन में विपक्ष की आवाज दबाने की बात कर रहे हैं, वही विधायक जब-जब चर्चा का अवसर मिला, सदन को बंधक बनाने की कोशिश करते रहे। जब चर्चा रोकना संभव नहीं हुआ तो सदन से वॉकआउट कर भाग गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया कभी भी एक जिम्मेदार विपक्ष जैसा नहीं रहा। जनता की समस्याएं और मुद्दे उठाने के बजाय उनके विधायकों का फोकस केवल मीडिया की सुर्खियों में बने रहने पर रहता है। पिछले सत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तब कांग्रेस विधायकों ने सभी संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया था, जब कुछ विधायक सदन में ही कंबल ओढ़कर सोते हुए पाए गए थे। भट्ट ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को पांच नहीं बल्कि पचास दिन का सत्र भी दे दिया जाए, तब भी वह जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने शानदार कार्य कर जनता का विश्वास जीता है। शायद ही कोई विषय हो जिस पर सरकार की मंशा स्पष्ट न हो, जबकि विपक्ष खुद कन्फ्यूजन में रहता है। इसी वजह से कांग्रेस बहस से भागकर हंगामे का रास्ता अपनाती है, ताकि उसकी पोल न खुले। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए स्थानीय विधायक ही नहीं, बल्कि उनका आलाकमान भी जिम्मेदार है। जब गांधी परिवार संसद में इसी तरह का आचरण करता है तो राज्यों में भी वही परंपरा अपनाई जाती है। उन्होंने कहा कि संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर बहस से बचते हैं, कभी विदेश चले जाते हैं और जब शामिल होते हैं तो असंवैधानिक भाषा और अपुष्ट तथ्यों के साथ हंगामा खड़ा कर देते हैं। महेंद्र भट्ट ने सुझाव दिया कि कांग्रेस को सत्र की समय-सीमा, बजट प्रक्रिया और सरकार के जवाबों की चिंता छोड़कर अपने सवालों और विषयों की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता बहुत समझदार है और 2027 में फिर से परीक्षक की भूमिका में होगी। कहीं ऐसा न हो कि पिछली बार 23 नंबर से फेल हुई कांग्रेस को इस बार जनता पूरी तरह जीरो न कर दे।

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