गैरसैंण स्थाई राजधानी के मुद्दे पर पर ‘हरीश रावत’ से उलट बयान देकर घिरे ‘बेहड़’
भाजपा विधायक विनोद चमोली ने ली चुटकी, किसी एक व्यक्ति का बयान मायने नहीं रखता बोले नेता प्रतिपक्ष
देहरादून। गैरसैंण में उत्तराखंड की स्थाई राजधानी बनाए जाने का मुद्दा सदैव ही राज्य वासियों की भावनाओं से जुड़ा रहा आया है ।ऐसे में गैरसैंण को राज्य की स्थाई राजधानी बनाए जाने की मांग समय-समय पर जोर पकड़ी पकड़ी रही है और जन भावनाओं का सम्मान करने के लिए गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा देकर ,वहां बुनियादी इंफ्ास्ट्रक्चर के निर्माण की सरकारी स्तर पर बृहद कोशिश भी की गई है, लेकिन गैरसैंण के राज्य की स्थाई राजधानी बनने की दृष्टि से दिल्ली अभी दूर है। हमेशा की तरह, बीते रोज संपन्न उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में राज्य गठन के 25 सालों के सफर और भविष्य के रोडमैप को लेकर हुई तमाम चर्चा में भी गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने का मुद्दा हावी रहा। वैसे तो गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी बनाने को लेकर सभी विधायकों के अलग-अलग मत देखने को मिले, लेकिन मोटे तौर पर यही राय बनती नजर आई कि पहाड़ी राज्य उत्तराखंड की राजधानी पहाड़ में ही होनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर वरिष्ठ कांग्रेसी विधायक तिलक राज बेहड़ ने स्पष्ट तौर यह कह कर कि, उत्तराखंड की स्थाई राजधानी अब गैरसैंण नहीं हो सकती है क्योंकि उसे ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया जा चुका है, उत्तराखंड के राजनीतिक हल्कों में एक नई बहस छेड़ दी है। बेहड़ का उपरोक्त बयान कांग्रेसी दिग्गज एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के उस बयान से बिल्कुल उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2027 में कांग्रेसी उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनने पर कांग्रेस गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी बनाएगी। अपने इस बयान के कारण किच्छा विधायक बेहद पार्टी में तो अकेले पड़ते ही जा रहे हैं ,साथ ही साथ इस बयान को लेकर अब उन्हें भाजपा ने भी घेरना आरंभ कर दिया है।भाजपा के वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली ने तिलक राज बेहड़ द्वारा गैरसैंण के संबंध में दिए गए बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि, ऐसा लगता है जैसे तिलक राज बेहड़ हरीश रावत को अपना नेता ही नहीं मानते हैं या फिर कांग्रेस में हरीश रावत कुछ भी बयान दे देते हैं। चमोली ने आगे कहा कि कांग्रेस गैरसैंण के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति करना जानती है। कांग्रेस ने 10 साल प्रदेश में शासन किया तब क्यों राजधानी घोषित नहीं किया? हरीश रावत कहते हैं 2027 में चुनाव जीतेंगे तो गैरसैंण कोई स्थाई राजधानी बनाएंगे, जबकि तिलक राज बेहड़ का बयान इसके खिलाफ है। अब ऐसे में कांग्रेस पहले घर के अंदर तय कर ले की राजधानी के मुद्दे पर क्या पार्टी की लाइन है? वहीं ,मामला तूल पकड़ने पर इस मसले पर कांग्रेस पार्टी का बचाव करते हुए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि ऐसे मामले में किसी एक व्यक्ति का बयान मायने नहीं रखता है। ऐसे मुद्दों पर पार्टी स्टैंड तय करती है। उन्होंने कहा गैरसैंण में आधारभूत अवस्थापना कार्यों को लेकर कांग्रेस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
