बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप,निजी बैंक भी कराए बंद
देहरादून/रुद्रपुर। देशभर में बैंक कर्मचारियों की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर मंगलवार को उत्तराखंड में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। सरकारी बैंकों के बंद रहने से व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।तीन दिन की छुट्टिðयों के बाद मंगलवार को लगातार चौथे दिन बैंकिंग सेवाएं ठप रहने से लेनदेन पूरी तरह प्रभावित हो गया। हड़ताल का आ“वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) ने किया है, जो नौ बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है और सरकारी बैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह कदम 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोई समाधान न निकलने के बाद उठाया गया। हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक ,पंजाब नेशनल बैंक , बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बड़े सरकारी बैंक शामिल रहे। रुद्रपुर- जिला मुख्यालय पर भी हड़ताल का व्यापक असर देखा गया। यहां सभी सरकारी बैंक पूरी तरह बंद रहे। इतना ही नहीं, हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने शहर में संचालित कुछ निजी बैंकों की शाखाओं पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और वहां भी कामकाज प्रभावित कराते हुए बैंक बंद करा दिए। इसके चलते पूरे शहर में बैंकिंग गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं। हड़ताल के कारण नकद जमा व निकासी, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट और अन्य रोजमर्रा के बैंकिंग कार्य बाधित रहे। बैंक शाखाओं के बाहर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी, जहां लोग निराश होकर लौटते नजर आए। कई व्यापारियों ने बताया कि भुगतान अटकने से कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है, वहीं बुजुर्ग और पेंशनधारक सबसे अधिक परेशान दिखे। हालांकि एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंक सामान्य रूप से काम कर रहे थे, लेकिन कुछ स्थानों पर सरकारी बैंक कर्मियों के प्रदर्शन के चलते वहां भी कामकाज बंद करा दिया। बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि सप्ताह में पांच कार्यदिवस लागू किए जाएं, यानी सोमवार से शुक्रवार तक बैंक खुले रहें और शनिवार व रविवार को अवकाश घोषित किया जाए। यह प्रस्ताव मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में शामिल किया गया था, लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने आज बैंकों को बंद रखा। रुद्रपुर में प्रदर्शन और बैंक बंद कराने में मुख्य रूप से ज्ञान चंद, बंटी राजौरिया, कौशल कुमार,अजीत कुमार, आरके छाबड़ा, गिरीश जोशी,सुरेश शर्मा, स्वरूप कुमार, समीर कुमार राय, शंकर चक्रवर्ती,हिमांशु जोशी आदि बैंक कर्मचारी शामिल थे।
