अजय भट्ट ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए संसद में उठाई आवाज
गृह मंत्रालय ने संसद में प्रस्तुत किया साइबर सुरक्षा और जागरूकता का पूरा ब्यौरा
नई दिल्ली। नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट द्वारा संसद में पूछे गए एक महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने और ऑनलाइन लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी साझा की है। गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने सदन को अवगत कराया कि केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित ढंग से लड़ने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, भारतीय न्याय संहिता 2023 और पोक्सो अधिनियम के तहत मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया है। सरकार का मुख्य ध्यान डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने और आम जनता को जागरूक करने पर केंद्रित है।इस दिशा में गृह मंत्रालय ने श्भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ;आई4सी की स्थापना की है, जो पूरे देश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक केंद्रीय इकाई के रूप में कार्य कर रहा है। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए श्राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल ;एनसीआरपी को सक्रिय किया गया है, जहाँ नागरिक अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इन शिकायतों पर एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्यवाही करने की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों की पुलिस एजेंसियों को सौंपी गई है। वित्तीय धोखाधड़ी को तत्काल रोकने के लिए वर्ष 2021 में श्नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणालीश् शुरू की गई थी, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।आंकड़ों के अनुसार 31 जनवरी 2026 तक इस प्रणाली के माध्यम से प्राप्त 24.65 लाख से अधिक शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए 8,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को ठगों के हाथों में जाने से बचाया गया है। साइबर ठगी के शिकार लोग तत्काल सहायता के लिए टोल-Úी हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने 2 जनवरी 2026 को एक नई मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जारी की है, जो देश भर की पुलिस एजेंसियों के लिए शिकायतों के निपटारे हेतु एक समान और पीड़ित-केंद्रित ढांचा प्रदान करती है।साइबर जागरूकता फैलाने के लिए भी सरकार व्यापक स्तर पर अभियान चला रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं श्मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को श्डिजिटल अरेस्टश् जैसे नए दौर के खतरों के प्रति सचेत किया है। दूरसंचार विभाग के सहयोग से विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में कॉलर टड्ढून अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें निवेश घोटाले, फर्जी लोन ऐप और सोशल मीडिया विज्ञापनों से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। इसके अलावा डीडी न्यूज पर श्साइबर-अलर्टश् जैसे साप्ताहिक कार्यक्रमों, सोशल मीडिया हैंडल /ब्लइमतक्वेज, रेडियो विज्ञापनों और स्कूलों में बांटी जाने वाली हैंडबुक के जरिए बच्चों और युवाओं को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति शिक्षित किया जा रहा है। कुंभ मेला 2025 और अन्य बड़े आयोजनों में भी डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए गए हैं।
