February 13, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

महिला बीडीसी सदस्य के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप

पूर्व विधायक शुक्ला के परिजनों पर लगाया आरोप
रुद्रपुर। हाल ही में संपन्न हुए ब्लॉक प्रमुख चुनावों के बाद भी सियासत में तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब चुनाव के बाद यह विवाद पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और उनके करीबी लोगों को घेरे में ला खड़ा कर रहा है। एक महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य ने ब्लॉक प्रमुख कार्यालय में ही उनके साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम अजीतपुर की क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्योति मौर्या ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि 29 अक्टूबर 2025 को वह अपने पति अशोक कुमार के साथ ब्लॉक कार्यालय में आयोजित बीडीसी बैठक में शामिल होने पहुंची थीं। बैठक समाप्त होने के बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उन्हें ब्लॉक प्रमुख के पति जितेंद्र गौतम ने अपने कार्यालय में बुलवाया। जब ज्योति कार्यालय के अंदर पहुंचीं तो वहां ब्लॉक प्रमुख, उनके पति और किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के कुछ परिजन मौजूद थे। तहरीर के अनुसार, कार्यालय में प्रवेश करते ही पूर्व विधायक के परिजनों ने ज्योति को गालियां दीं और कहा तुमने ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हमारे पक्ष में वोट नहीं दिया था। इसके बाद उन पर शारीरिक हमला किया गया। ज्योति का आरोप है कि हमले में उन्हें चोटें आईं। जब उनके पति ने बीच-बचाव किया तो उन्हें भी पीटा गया और जान से मारने तथा टांग काट देने की धमकी दी गई। ज्योति मौर्या ने बताया कि पूरा घटनाक्रम ब्लॉक प्रमुख के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि एक महिला जनप्रतिनिधि के साथ उसी कार्यालय में मारपीट हुई जहाँ एक महिला ब्लॉक प्रमुख मौजूद थीं। उन्होंने न तो हमें बचाने की कोशिश की और न ही आरोपियों को रोका। वे चुपचाप कार्यालय से बाहर चली गईं। घटना के बाद ज्योति और उनके पति ने जिला चिकित्सालय में उपचार करवाया, मेडिकल रिपोर्ट बनवाई और कोतवाली में तहरीर दर्ज कराई। घटना के बाद ज्योति मौर्या का एक भावनात्मक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह अपनी व्यथा सुनाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधियों पर इस तरह के हमले लोकतंत्र पर धब्बा हैं। चूँकि घटना में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के परिजनों के नाम सामने आए हैं, इसलिए पुलिस जांच पर राजनीतिक दबाव पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है। कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर पाएगी। इस संबंध में सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसएसआई नवीन बुधानी ने कहा कि पीड़िता की तहरीर दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि ब्लॉक प्रमुख के हालिया चुनाव में भाजपा खेमे के भीतर ही गुटबाजी सामने आई थी। विजयी उम्मीदवार को पूर्व विधायक की करीबी माना जाता है, जबकि कुछ सदस्यों ने अलग खेमे का समर्थन किया था। अब उन्हीं सदस्यों को कथित रूप से टारगेट किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *