October 23, 2026

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फिर सुर्खियों में अंकिता भंडारी हत्याकांड: नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए उर्मिला सनावर और सुरेश राठौड़ कोर्ट में होंगे पेश

देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। केस में कथित वीआईपी के नाम को लेकर वायरल हुए ऑडियो की जांच के बीच अभिनेत्री उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की सीबीआई कोर्ट में पेशी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दोनों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट से जुड़े मामले में अदालत में सुनवाई होनी है। वहीं, सुरेश राठौड़ ने नार्को टेस्ट के लिए सहमति जताते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही है।

नार्को टेस्ट के लिए देहरादून रवाना हुईं उर्मिला सनावर

जानकारी के मुताबिक, उर्मिला सनावर सहारनपुर से देहरादून के लिए रवाना हुई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर सहारनपुर के एसएसपी की ओर से उन्हें एक गनर भी उपलब्ध कराया गया है। दूसरी ओर, पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ भी अदालत में पेश होने के लिए पहुंच रहे हैं।इस मामले में वायरल ऑडियो की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों की जांच के लिए सीबीआई ने दोनों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगते हुए अदालत में आवेदन किया है। अब इन परीक्षणों को लेकर अदालत की सुनवाई पर नजरें टिकी हैं।

सुरेश राठौड़ ने नार्को टेस्ट के लिए जताई सहमति

पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ नार्को टेस्ट के लिए सहमति पत्र लेकर देहरादून स्थित अदालत पहुंचे। उन्होंने मीडिया के सामने सहमति पत्र दिखाते हुए जांच एजेंसियों को सहयोग देने की बात कही।राठौड़ ने कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाए हैं। हालांकि, वायरल ऑडियो से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। कथित वीआईपी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनके नार्को टेस्ट के लिए सहमति जताने को मामले का अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

वायरल ऑडियो में कथित वीआईपी के नाम का जिक्र

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर वीआईपी के नाम का जिक्र होने की बात सामने आई।ऑडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल के लिए सीबीआई जांच कर रही है। हालांकि, वायरल ऑडियो में किसी का नाम आने या सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों से किसी की संलिप्तता अपने आप साबित नहीं होती। मामले में तथ्यों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

18 अक्टूबर को उर्मिला सनावर से हुई थी पूछताछ

इससे पहले 18 अक्टूबर को सीबीआई की टीम ने सहारनपुर में उर्मिला सनावर के आवास पर करीब चार घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश होने के लिए नोटिस दिया गया था।उर्मिला सनावर ने बताया था कि नोटिस वायरल ऑडियो से जुड़े मामले और नार्को टेस्ट की प्रक्रिया के संबंध में है। अब अदालत में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित परीक्षणों को लेकर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के बाद फिर गरमाया मुद्दा

पूर्व भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस नियुक्ति के बाद मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध भी तेज हुए हैं।हालांकि, राज्यपाल की नियुक्ति और हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी के संबंध में सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है।

नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सहमति जरूरी

नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर कानूनी प्रक्रिया में संबंधित व्यक्ति की स्वतंत्र और स्वैच्छिक सहमति महत्वपूर्ण होती है। अदालत को यह सुनिश्चित करना होता है कि सहमति किसी दबाव, धमकी या अनुचित प्रभाव के बिना दी गई है और निर्धारित कानूनी सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा है।ऐसे में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौड़ से जुड़े परीक्षणों पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, सभी की निगाहें सुनवाई और सीबीआई की जांच पर टिकी हैं। मामले में कथित वीआईपी की पहचान और वायरल ऑडियो की सत्यता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।

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