सीएम ने लॉन्च किया वॉइस कलेक्शन पोर्टल,लोकभाषाओं के संरक्षण की पहल
एआई तकनीक से मिलेंगी नई सुविधाएं
देहरादून (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाली कुमाऊंनी और जौनसारी लोकभाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए वॉइस कलेक्शन पोर्टल लॉन्च किया है। एआई स्ट्रैटेजिक इंजीनियरिंग फाउंडेशन की भाषा एआई पहल के तहत शुरू हुए इस अभियान के माध्यम से तीनों लोकभाषाओं के शब्दों, उच्चारण और बोलने के अलग-अलग तरीकों का डिजिटल संग्रह तैयार किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में एआई तकनीक को इन क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद करने में पूरी तरह सक्षम बनाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बोली-भाषाएं हमारी असली पहचान हैं और इनके संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के दूरदराज गांवों में रहने वाले लोग भी अब अपनी बोली में सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए एआई को स्थानीय भाषाओं के शब्दों और उनके सटीक उच्चारण को समझना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के अलग- अलग क्षेत्रें में एक ही शब्द का उच्चारण भिन्न तरीके से किया जाता है। इस पोर्टल पर लोगों की ओर से आवाजें अपलोड किए जाने से एआई इन विविधताओं को आसानी से समझ सकेगा। कार्यक्रम में पप्रश्री लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने कहा कि लोकभाषाओं में लोकजीवन, लोकगीत, जागर और सांस्कृतिक परंपराओं की समृद्ध विरासत समाहित है और जागर अकादमी इस पहल में पूर्ण सहयोग करेगी। वहीं फाउंडेशन के संस्थापक सचिदानंद सेमवाल ने बताया कि भाषा एआई के तहत शब्दों और आवाजों का व्यापक संग्रह तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर शक्ति प्रसाद भट्ट, गजेंद्र नौटियाल, अनिरुद्ध रैथवान, निधि सेमवाल, अनिल गोदियाल, डॉ- जेके पांडे और देव रतूड़ी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


