पीएम मोदी ने रावण दहन कर दिया राष्ट्र प्रथम का संदेश, गिनाए देश के तीन दुश्मन
लाल किला मैदान में प्रियंका गांधी ने किए प्रभु श्रीराम के दर्शन
नई दिल्ली। विजयादशमी के पावन अवसर पर राजधानी दिल्ली में रामलीला और रावण दहन के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने रावण दहन कर देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और अपने संबोधन में राष्ट्र प्रथम का संदेश दिया। इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा लाल किला मैदान में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने प्रभु श्रीराम के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
पीएम मोदी ने गिनाए देश के तीन दुश्मन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लिए बिना देश के मान-सम्मान को चोट पहुंचाने वाली ताकतों, समाज को बांटने वाले लोगों और भारतीय संस्कृति से नफरत करने वाली मानसिकता को देश के लिए चुनौती बताया। उन्होंने देशवासियों से इन ताकतों को पहचानने और एकजुट होकर उनका मुकाबला करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि मां भारती के शत्रुओं को पहचानना होगा और उन्हें परास्त करने के लिए सभी को राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ एकजुट होना होगा।‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति और पूर्वजों ने हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना की है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के प्रति लोगों की आस्था केवल रावण के अंत तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन से मिलने वाले मानवता, सत्य, मर्यादा और आदर्शों के संदेश में भी निहित है।
हर संकट में प्रभु श्रीराम ने निभाया धर्म
प्रधानमंत्री ने प्रभु श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन सत्य और नेकी का मार्ग कभी नहीं छोड़ा। उनके अनुसार, भगवान श्रीराम ने राजपथ मिलने पर अहंकार नहीं किया और वनवास के समय भी धैर्य बनाए रखा।पीएम मोदी ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने हर संकट को सहते हुए धर्म का पालन किया और सत्य की स्थापना की। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देशवासियों को भी कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा की रामलीला में उपस्थिति ने भी इस अवसर पर राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया।


