दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों में बड़ा बदलाव: जंतर-मंतर सूची से बाहर,रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान नए ठिकाने तय
दिल्ली पुलिस के स्थायी आदेश में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को वैकल्पिक प्रदर्शन स्थलों के रूप में शामिल करने की जानकारी, नई एसओपी अलग से होगी जारी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों को लेकर बड़ा बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस के एक नए आदेश के मुताबिक, जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने और उसके विकल्प के रूप में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान तथा पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को चिह्नित करने की बात कही गई है। हालांकि, इन स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और संबंधित नियमों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से जारी स्थायी आदेश संख्या एलएंडओ/48/2026 में प्रदर्शन स्थलों में बदलाव का उल्लेख है। आदेश में बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकों के प्रदर्शन और विरोध करने के अधिकार को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थलों की पहचान के लिए एक समिति गठित की थी। समिति को मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सीजेपी के सौरव दास ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है।
सौरव दास ने कहा, “अब पूरा देश जंतर-मंतर बन रहा
सौरव दास ने सवाल उठाया कि क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह फैसला लेने से पहले देश की जनता, संबंधित संगठनों और अन्य पक्षों से सलाह ली थी। सौरव दास ने इस फैसले को मनमाना बताते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन और शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होने के लोगों के मौलिक अधिकार पर हमला है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाना भारत में लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जिस तरह लोगों के जंतर-मंतर को सूची से हटाया जा रहा है, उसी तरह प्रधानमंत्री जल्द ही भारत में लोकतंत्र को भी सूची से हटा देंगे।” उन्होंने कहा, “अब पूरा देश जंतर-मंतर बन रहा है।”
तीन नए स्थलों पर होगा विचार
समिति की सिफारिशों के आधार पर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को वैकल्पिक प्रदर्शन स्थलों के रूप में तय किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने की बात कही गई है।जंतर-मंतर लंबे समय से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और अन्य मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने के लिए चर्चित स्थल रहा है। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी बदलाव का असर प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाने वाले संगठनों और नागरिकों पर पड़ सकता है।
नई एसओपी के बाद स्पष्ट होगी प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस के आदेश के अनुसार, तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। इसमें प्रदर्शन की अनुमति, आयोजन की प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े दिशा-निर्देश स्पष्ट किए जा सकते हैं।फिलहाल उपलब्ध विवरण में अनुमति लेने की प्रक्रिया, प्रदर्शनकारियों की संख्या, समय-सीमा और अन्य शर्तों के संबंध में पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इन पहलुओं पर स्थिति नई एसओपी जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रदर्शन के अधिकार और व्यवस्था पर रहेगा ध्यान
वैकल्पिक स्थलों की पहचान के पीछे नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को ध्यान में रखने की बात कही गई है। साथ ही, नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने की व्यवस्था किस प्रकार लागू होगी, यह आगामी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।हालांकि, आदेश की आधिकारिक प्रति और नई एसओपी के विवरण की स्वतंत्र पुष्टि के बिना यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि जंतर-मंतर पर हर प्रकार के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में अंतिम स्थिति स्पष्ट करने के लिए दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आदेश और उसके बाद जारी होने वाले निर्देशों को देखना जरूरी होगा।


