खानपुर से ताल ठोक सकते हैं हरदा : हरिद्वार से खानपुर तक जनसंवाद यात्रा में दिखाई ताकत
जगह-जगह हुआ स्वागत, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सियासी हलचल
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने गुरुवार को हरिद्वार से खानपुर तक धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा निकाली। सिंहद्वार से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। यात्रा हरिद्वार ग्रामीण, लक्सर और खानपुर विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान रावत ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया और प्रदेश में बदलाव की जरूरत की बात कही। उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। रावत ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी मुश्किल से डरने वाले नहीं हैं।हरीश रावत ने हाल में हरिद्वार जिले की किसी विधानसभा सीट से आगामी चुनाव लड़ने की इच्छा सार्वजनिक की थी। उन्होंने हरिद्वार को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ाई है। हालांकि अभी कांग्रेस की ओर से उनके लिए किसी विधानसभा सीट पर आधिकारिक टिकट की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में हरिद्वार से खानपुर तक निकली जनसंवाद यात्रा को उनके समर्थकों की ओर से आगामी चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। खास तौर पर खानपुर क्षेत्र में उनकी मौजूदगी ने इस चर्चा को और हवा दी है कि वह हरिद्वार जिले की किसी सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
ईडी की पूछताछ के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
हरीश रावत हाल के दिनों में प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। ईडी ने 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ की थी। रिपोर्टों के अनुसार, ईडी ने उनसे पुराने आयकर रिटर्न और परिवार की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी थी। रावत ईडी कार्यालय में अपनी मां की तस्वीर साथ लेकर पहुंचे थे। उन्होंने जांच को लेकर सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाए थे। इन आरोपों को रावत के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए; जांच एजेंसी की कार्रवाई का आधिकारिक आधार संबंधित जांच और रिकॉर्ड से निर्धारित होगा।
हरिद्वार को लेकर लगातार सक्रिय हैं हरदा
पिछले दिनों हरिद्वार पहुंचने पर रावत ने गंगा पूजन भी किया था और हरिद्वार से अपने पुराने राजनीतिक जुड़ाव का उल्लेख किया था। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा था कि इस संबंध में निर्णय समय और परिस्थितियों को देखते हुए होगा। अब हरिद्वार से खानपुर तक जनसंवाद यात्रा के जरिए रावत ने कार्यकर्ताओं के बीच अपनी सक्रियता दिखाई है। यात्रा में मिले स्वागत और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने जिले की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हरीश रावत आगामी विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की किसी सीट से खुद मैदान में उतरेंगे? इसका अंतिम फैसला कांग्रेस की ओर से टिकट वितरण के समय ही स्पष्ट होगा।
