कैप्टन स्मित मच्छार ने 174 यात्रियों की जान बचाने में जो किया, उसे दुनिया याद रखेगी : प्लेन को हाइजैक कर कहीं क्रैश कराने का था इरादा
तबूक में सुरक्षित उतरा विमान : इस्राइली यात्री यानिव हयून कॉकपिट के अंदर विमान को संभालने में मदद की
दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान विमान कुछ ही सेकंड में हजारों फीट नीचे आ गया। कॉकपिट में संघर्ष के बीच कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने ऐसी सूझबूझ दिखाई, जिसने यात्रियों और क्रू को हमलावर तक पहुंचने का मौका दिया। इसके बाद इस्राइली यात्री यानिव हयून कॉकपिट के अंदर पहुंचे। हयून ने कथित हमलावर को पीछे से पकड़कर नियंत्रण से दूर किया और पायलट की सीट पर पहुंचकर विमान को संभालने में मदद की। अन्य यात्रियों और क्रू सदस्यों ने भी हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई। घटना के बाद फ्लाईदुबई के विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने तबूक में सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव भेजा गया। फ्लाईदुबई ने भी पुष्टि की कि फ्लाइट के कॉकपिट में झड़प हुई थी और विमान में मौजूद ड्यूटी क्रू ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रूप से डायवर्ट किया। फ्लाइट में 174 लोग सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया और सभी यात्रियों तथा क्रू के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई ।
उड़ान के दौरान अचानक शुरू हुआ हमला
बताया गया है कि विमान के करीब दो घंटे की उड़ान पूरी करने के बाद को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। उपलब्ध विवरणों के मुताबिक, करीब 30 सेकंड के भीतर विमान की ऊंचाई लगभग 14,000 से 17,000 फीट तक कम हो गई।अचानक विमान के नीचे आने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों के हवा में उछलने की बात भी सामने आई है।प्रारंभिक जांच से जुड़े दावों के अनुसार, हमलावर का इरादा विमान पर नियंत्रण हासिल करने और उसे दुर्घटनाग्रस्त करने का हो सकता था। हालांकि, हमले के मकसद और पूरी घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक जांच महत्वपूर्ण होगी।
खून से लथपथ थे कैप्टन, फिर भी नहीं हारी हिम्मत
शुरुआती जांच के अनुसार, ओमानी पायलट का इरादा प्लेन को हाइजैक कर कहीं क्रैश कराने का था।
इस्राइली यात्री त्ज्विका मेनेस की पत्नी उस वक्त अपनी छोटी बेटी को वॉशरूम ले जा रही थीं। तभी उन्हें कॉकपिट से चीखें और संघर्ष की आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने तुरंत एक फ्लाइट अटेंडेंट को सतर्क किया। उसी वक्त कॉकपिट का दरवाजा खुला और खून से लथपथ कैप्टन स्मित बाहर गिर पड़े। को-पायलट उन्हें चाकू मार रहा था। हमले में कैप्टन स्मित मच्छार के सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आईं। विमान में मौजूद एक डॉक्टर ने बताया कि कैप्टन के सिर से काफी खून बह रहा था और उनके हाथों पर भी गंभीर चोटें थीं।गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन होश में थे और यात्रियों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कॉकपिट के दरवाजे का रिलीज बटन दबाया और दरवाजा खोल दिया। यही कदम घटना का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
यात्रियों ने हमलावर को काबू किया
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। रिपोर्टों के अनुसार, तीन इजरायली यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। संघर्ष करीब 20 से 25 मिनट तक चला।इसी बीच विमान में यात्री के तौर पर मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने विमान का नियंत्रण संभाला और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा।इस तरह एक बेहद खतरनाक स्थिति के बावजूद विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान बच गई।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और फ्लाईदुबई में कैप्टन के रूप में कार्यरत हैं। उपलब्ध प्रोफाइल संबंधी जानकारी के अनुसार, उनके पास कमर्शियल एविएशन में करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने विमानन करियर की शुरुआत भारत की स्पाइसजेट से मुंबई में की थी। वहां उन्होंने सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के तौर पर भी काम किया। वर्ष 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े।
ट्रंप और नेतन्याहू ने की तारीफ
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें बातचीत के दौरान ‘हीरो’ बताया।इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद करने का मौका दिया। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि विमान में अचानक पैदा होने वाले संकट के दौरान पायलटों, क्रू और यात्रियों के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने का कैप्टन स्मित मच्छार का निर्णय इस घटना के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक रहा।
पीएम मोदी ने कहा- कैप्टन स्मित मच्छार एक HERO हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। पीएम मोदी ने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
