पीएम मोदी दिया था सख्त कदम उठाने का संदेश: कई राज्यों में छात्रों और विपक्षी दलों ने जवाबदेही की मांग को लेकर किए प्रदर्शन
20 जून से दिल्ली के जंतर मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों ने पेपर लीक के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू किए
दिल्ली- आखरिकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को छात्रों के आक्रोश और आंदोलन के आगे झुकना पड़ा । नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सड़क से लेकर संसद तक पेपर लीक के खिलाफ विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन जारी था। सीजेपी के आह्वान पर 20 जून से दिल्ली के जंतर मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों ने पेपर लीक के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक समेत कई छात्र छात्राओं ने भूख हड़ताल कर केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफा देने और सरकार से जवाबदेही की मांग की। वहीं सरकार के मंत्रियों से कई दौर की वार्ता हुई। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया के जरिये वीडियो संदेश जारी कर छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार की ओर से सख्त कदम उठाने का संदेश दिया । साथ ही पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने के साथ ही संसद से सख्त कानून बनाने का आश्वासन दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, जून में सामने आए पेपर लीक मामले के बाद देशभर के छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। दिल्ली समेत कई राज्यों में छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। सरकार पर परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और छात्रों की चिंताओं का समय पर समाधान करने में विफल रहने के आरोप लगाए गए। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा पहले से जारी है। मामले को लेकर कई कानूनी कार्रवाइयाँ भी चल रही हैं। विपक्ष का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए यह कदम आवश्यक था।
