Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

मृतक पंकज कुमार के घर पहुंचे गोदियालः पुलिस प्रताड़ना से प्रदेश की कानून व्यवस्था से उठता जा रहा आम जन का विश्वास

देहरादून। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पौड़ी के सतपुली विकासखंड के रैतपुर गांव पहुंचकर पुलिस प्रताड़ना से आत्महत्या का आरोप लगाने वाले मृतक युवक पंकज कुमार के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात कर उनको सांत्वना दी। स्थानीय पुलिस से मामले की सम्पूर्ण जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराये जाने और पीडित परिवार को न्याय दिलाने जाने की मांग की। कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सतपुली पहुंचकर घटना की पूरी जानकारी ली। साथ ही स्थानीय पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर पीड़ित परिवार के साथ न्याय संगत व्यवहार की मांग की। गोदियाल ने परिजनों और स्थानीय लोगों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की मांग की है।पत्र में गोदियाल ने कहा कि पौड़ी गढ़वाल के ग्राम रैतपुर, सतपुली क्षेत्र के एक युवक द्वारा कथित रूप से पुलिस प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर लेने का अत्यंत गंभीर और दुःखद मामला सामने आया है। यह घटना न केवल मानवीय दृष्टि से पीड़ादायक है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नर्चि िंखड़े करती है। गोदियाल ने कहा कि क्षेत्रीय जनता और मृतक के परिजनों से मिली जानकारी और सोशल मीडिया में वायरल हो रहे मृतक के मौत से पहले जारी की गई वीडियो क्लिपिंग के अनुसार, मृतक युवक की बाइक एक्सीडेंट में एक व्यक्ति से हुई टक्कर के चलते पुलिस द्वारा युवक को थाने ले जाकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण उसे यह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। यदि यह आरोप सत्य हैं, तो यह अत्यंत निंदनीय है, और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य है। गोदियाल ने कहा कि इससे पहले नैनीताल के खैरना निवासी बालम बिष्ट के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार के आरोप लगाए थे। जिसमें मृत के परिजनों का आरोप था कि पुलिस की मारपीट से आहत होकर उसने मौत को गले लगाया। यही नहीं कुछ समय पहले टिहरी के लम्बगांव निवासी केशव थलवाल द्वारा पुलिस पर जबरन उठाकर चौकी ले जाकर प्रताड़ित करने और अमानवीय व्यवहार करने के आरोप लगाये थे। गणेश गोदियाल ने ने कहा कि विगत दो साल के अन्तराल में पुलिस प्रताड़ना के इस प्रकार के प्रकरणों से प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गम्भीर प्रश्नहचन्ह खड़े हुए हैं। पुलिस व्यवस्था से आम जन का विश्वास उठता नजर आ रहा है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस विभाग में संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *