एनएच घोटाला: करोड़ों का मुआवजा वसूलने वाले चार किसानों की 13.89 करोड़ की संपत्ति कुर्क
रूद्रपुर । प्रवर्तन निदेशालय ;ईडीद्ध ने बहुचर्चित एनएच 74 घोटाले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त मुआवजा डकारने वाले चार लोगों की 13.89 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई पंतनगर थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर की गई है और कुर्क की गई सभी संपत्तियां ऊधमसिंह नगर जनपद में स्थित हैं। ईडी की इस कार्रवाई से भू-घोटालेबाजों और अवैध रूप से लाभ कमाने वालों में हड़कंप मच गया है।उल्लेखनीय है कि पुलिस की एसआईटी ने इस मामले में वर्ष 2017-18 में बड़ी कार्रवाई की थी, जिसके तहत कई रसूखदारों और अधिकारियों को गिरफ्रतार किया गया था। जांच में यह आरोप सामने आया था कि ऊधमसिंह नगर के बहुत से किसानों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर अपनी कृषि भूमि का लैंड यूज बदलवाकर तय दरों से कहीं अधिक मुआवजा प्राप्त किया था। इसी धोखाधड़ी को आधार बनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपनी जांच शुरू की थी। पूर्व में भी ईडी कई किसानों की करोड़ों की संपत्तियां कुर्क कर चुका है और इसी कड़ी में अब किसान दिलबाग सिंह, जरनैल सिंह, बलजीत कौर और दलविंदर सिंह की 13.89 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया गया है।ईडी की विस्तृत जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि इन सभी आरोपियों ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अपनी कृषि भूमि को कागजों में अकृषि दर्शाया और भारी-भरकम मुआवजा हड़प लिया। जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि मुआवजे के रूप में प्राप्त इस अवैध राशि को आरोपियों ने अपने विभिन्न रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर ठिकाने लगाने की कोशिश की है। मुआवजे की हेराफेरी और रकम को इधर-उधर करने के मामले में अब इन किसानों के रिश्तेदार भी ईडी की जांच के दायरे में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर किसान वर्तमान में पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। ईडी अब इस मामले में अन्य लाभार्थियों और इसमें शामिल रहे सफेदपोशों की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल कर रही है।
