February 19, 2026

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दून कचहरी को लगातार दूसरे दिन बम से उड़ाने की धमकी

आईएसआई और लिट्टे के नाम से आए मेल ने मचाया हड़कंप, सघन चेकिंग
देहरादून । राजधानी स्थित जिला न्यायालय परिसर को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी। बुधवार के बाद आज फिर जिला जज को मिले इस धमकी भरे मेल के बाद पूरे कचहरी परिसर को आनन-फानन में खाली कराया गया। नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग के बाद देहरादून जिला न्यायालय को निशाना बनाए जाने की इस सूचना से अधिवक्ताओं, वादकारियों और कर्मचारियों में भारी अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। करीब दो घंटे तक चली सघन चेकिंग और भवन के कोने-कोने की तलाशी के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि जिला जज कार्यालय से प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर का सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है। बुधवार को भी लगभग 12ः30 बजे तक चली इस भारी-भरकम कवायद के बाद ही लोगों को परिसर के अंदर जाने की अनुमति दी गई। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस अधिकारियों से लेकर अधिवक्ताओं के चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था, लेकिन सुरक्षा टीमों के क्लियरेंस सिग्नल के बाद सभी अपने-अपने काम पर लौटे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कचहरी में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और लोग सुरक्षा घेरे के बाहर जमा रहे।जिला जज को भेजे गए इस धमकी भरे पत्र में बेहद गंभीर और खौफनाक साजिश का जिक्र किया गया था। मेल में दावा किया गया था कि सुबह 11ः15 बजे परिसर को बम से उड़ा दिया जाएगा और इमारत के भीतर सी-4 व नाइट्रेट से बने पांच शक्तिशाली बम पहले ही लगाए जा चुके हैं। पत्र में यह चेतावनी भी दी गई थी कि यदि बम अपने आप नहीं फटे, तो कुछ आत्मघाती हमलावर भीतर आकर खुद को उड़ा लेंगे। पत्र में तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण और ब्राह्मण वर्चस्व के विरोध जैसी बातें लिखी गई थीं। पत्र के अंत में पाकिस्तान-डीएमके मॉडल जिंदाबाद, डीएमके आईटी विंग चेन्नई, तमिल टाइगर ऑफ ईलाम और पाकिस्तान आईएसआई का जिक्र किया गया था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस मेल के स्रोत और इसके पीछे के नेटवर्क की गहनता से पड़ताल कर रही हैं

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