चिन्यालीसौड़ में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में सीएम ने सुनी समस्याएं
उत्तरकाशी (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद के चिन्यालीसौड़ में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल जनता की समस्याओं को सुना, बल्कि विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर सरकारी योजनाओं की प्रगति भी जानी। मुख्यमंत्री ने शिविर में आए लोगों से सीधा संवाद किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न की जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर जनता को त्वरित राहत प्रदान की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन और प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण प्रदेश में इस अभियान के तहत शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक पूरे प्रदेश में 650 से ज्यादा कैंपों का सफल आयोजन हो चुका है, जिसके माध्यम से 5-20 लाख से अधिक लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में ‘ऑन-द-स्पॉट’ समाधान की नीति अपनाई जा रही है, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता और अधिक मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में उत्तराखंड ने देश में अग्रणी भूमिका निभाई है। धर्मांतरण विरोधी कानून और अवैध अतिक्रमण पर हो रही सख्त कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप को बचाए रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने मातृशक्ति के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और स्वरोजगार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। चिन्यालीसौड़ के इस शिविर में पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न प्रमाण पत्र, पंजीकरण कार्ड और कल्याणकारी योजनाओं की स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रें तक प्रशासन के पहुंचने से लोगों के समय और धन की बचत हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि जो समस्याएं जिला या तहसील स्तर पर हल हो सकती हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से राजधानी तक न भेजा जाए। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के इस अभियान की मुक्तकंठ से सराहना की।
