उत्तराखंड के न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरे संदेशों से हड़कंप,सघन तलाशी अभियान चलाया
नैनीताल जिला न्यायालय ,टिहरी जिला न्यायालय, रूद्रप्रयाग जिला कोर्ट एवं उत्तरकाशी कलेक्ट्रेट में भी बम की अफवाह
हल्द्वानी/टिहरी गढ़वाल(उद संवाददाता)। उत्तराखंड के न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरे संदेशों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नैनीताल जिला न्यायालय और उत्तरकाशी न्यायालय को सोमवार को मिली धमकी के बाद मंगलवार को पुनः नैनीताल और टिहरी जिला न्यायालय के साथ ही रूद्रप्रयाग जिला न्यायालय एवं उत्तरकाशी कलेक्ट्रेट में बम होने की सूचना से हड़कंप मच गया। आनन- फानन में न्यायालय परिसरों को खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ते ने सघन तलाशी अभियान चलाया। नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला जज के आधिकारिक ईमेल एड्रेस पर मंगलवार सुबह 7ः11 बजे एक संदेश प्राप्त हुआ। इस ईमेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में सी4 आरडीएक्स से बने पांच बम पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं, जो सुबह 11ः15 बजे फट जाएंगे। संदेश में जज चौंबर को निशाना बनाने की बात कहते हुए तुरंत अदालत खाली करने की चेतावनी दी गई थी। इस बार हमले की जिम्मेदारी कथित तौर पर तमिल टाइगर ऑफ ईलम और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ली गई है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को भी इसी तरह के ईमेल के कारण आधे दिन तक न्यायिक कार्य बाधित रहा था और पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था। लेकिन जांच आगे बढ़ती, उससे पहले ही मंगलवार को आए दूसरे संदेश ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी। सूचना मिलते ही डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और जज चौंबर, अधिवक्ता चौंबर, पार्किंग व अन्य सार्वजनिक स्थलों की गहन छानबीन की। एसपी जगदीश चंद्र ने बताया कि फिलहाल जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में टिहरी जिला न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी मंगलवार को ईमेल के माध्यम से बम होने की सूचना दी गई,इसके अलावा रूद्रप्रयाग जिला न्यायालय और उत्तरकाशी कलेक्ट्रेट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। जिससे वहां भी खलबली मच गई। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और पूरे परिसर की जांच की गई। लगातार मिल रही इन धमकियों के बाद प्रदेश के सभी प्रमुख न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा रहा है और साइबर सेल इन ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है

