February 15, 2026

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मुख्यमंत्री धामी ने किया त्रिशूल चौक का लोकार्पण: विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा हमारा राज्य

रूद्रपुर। मुख्यमंत्री श्री धामी ने त्रिशूल चौक का लोकार्पण किया । उन्होंने कांवड़ियों के पैर पखारे और उनको अंगवस्त्र व पुष्प माला भेंट कर उनका अभिनंदन किया । इसके उपरांत त्रिशूल चौक से सरस मेला कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क तक आयोजित शिव बारात में भी मुख्यमंत्री ने प्रतिभाग किया। शिव बारात में मुख्यमंत्री का विभिन्न संगठनों व स्थानीय नागरिकों द्वारा फूलमाला, पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज मुझे रुद्रपुर के चहुंमुखी विकास के लिए ₹288 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 61 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं रुद्रपुर को विकास, विश्वास और भविष्य की नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मज़बूत आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आज राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में हमारी सरकार द्वारा जनपद ऊधमसिंह नगर और रूद्रपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। आज हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली फोर लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कर रहे हैं। रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के साथ-साथ नई सिग्नल लाइनों और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए रुद्रपुर के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी प्रदान की गई है और सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण भी प्रगति पर है। इतना ही नहीं, रुद्रपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखण्ड के पहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निर्माण कराया जा रहा है । साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत से एक एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट भी स्थापित किया गया है। किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, पंतनगर हवाईअड्डा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के रूप में बदलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है। उन्होंने कहा कि हमने जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है, वहीं, खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास और रोजगार को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान करने का प्रबन्ध कर दिया है। जिस दिन ये परियोजना पूर्ण होगी, हमारे पूरे तराई क्षेत्र में पीने के पानी और सिंचाई के पानी की समस्या पूर्ण रूप से दूर हो जाएगी। उन्होंने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी को पता होगा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे ऊधम सिंह नगर जिले में भी रहते हैं। दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्य सेवक के रूप में राज्य की सत्ता सँभालने के बाद ये कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, नहीं लिखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिलाने का काम भी किया, जिससे वे बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें।
उन्होंने कहा कि हम राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक प्राधिकरण का गठन, सख्त नकल विरोधी कानून जैसे विषयों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के अंतर्गत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने दीये बनाए और सूत भी काता कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले की प्रथम दिवस में आयोजित स्टार नाइट के अंतर्गत शिव जागरण का ज्योति जलाकर शुभारम्भ किया।

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