अंकिता हत्याकांड को लेकर देहरादून में महापंचायत : वीआईपी का नाम सार्वजनिक कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर परेड ग्राण्ड में जुटी भारी भीड़
अंकिता भंडारी के माता पिता और पूर्व सीएम हरीश रावत भी महापंचायत में पहुंचे
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे विभिन्न संगठनों ने आज राजधानी देहरादून में महापंचायत का आयोजन किया। अंकिता भंडारी हत्याकांड न्याय यात्रा के तहत परेड मैदान में आयोजित इस महापंचायत में संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य सहित कई सामाजिक और जन संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में जुटे। महापंचायत में मौजूद लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और कहा कि जब तक पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों विशेषकर कथित वीआईपीए के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होतीए तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वक्ताओं ने मंच से कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना केवल एक परिवार का नहींए बल्कि पूरे समाज का सवाल बन चुका है। महापंचायत में अंकिता भंडारी के माता.पिता की मौजूदगी से माहौल भावुक हो गया। पूर्व सीएम हरीश रावत भी महापंचायत में पहुंचे।उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें अब भी पूरे सच के सामने आने का इंतजार है। परिजनों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर न रखा जाए। संयुक्त संघर्ष मंच की संरक्षक कमला पंत ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक कई सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कथित वीआईपी एंगल को लेकर स्थिति साफ नहीं की गई है। उनका कहना है कि जब तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं होता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत के प्रस्ताव रखते हुए राज्य सरकार से पुरजोर मांग की गई है। जिसमें पंद्रह दिनों के भीतर यदि पीड़ित परिवार की शिकायत आगे नहीं बढ़ी तो महापंचायत होगी, राष्ट्रपति से मुलाकात होगी। अंकिता के माता-पिता के शिकायती पत्र को ही सीबीआई जांच के लिए शिकायती पत्र माना जाए। भाजपा नेता को जांच के दायरे में लाया जाए और निष्कासित किया जाए।



