ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री पर मीना शर्मा की हरी झंडी?
सोशल मीडिया पर मीना शर्मा के बयान दे रहे बड़ा संकेत, हाई कमान के हर फैसले का करेंगी सम्मान
रुद्रपुर। तराई की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। रुद्रपुर कांग्रेस नेत्री मीना शर्मा के धरने के बाद जहां पुलिस ने पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल पर मुकदमा दर्ज किया, वहीं दूसरी ओर उनके कांग्रेस में शामिल होने की संभावनाएं भी लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। खास बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच मीना शर्मा के सोशल मीडिया पर आए बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों से यह संकेत मिल रहे हैं कि मीना शर्मा राजकुमार ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री को लेकर किसी तरह का खुला विरोध नहीं कर रही हैं। बल्कि उनके बयानों को सियासी जानकार अप्रत्यक्ष सहमति के तौर पर देख रहे हैं। चर्चाओं के मुताबिक मीना शर्मा ने यह भी संकेत दिया है कि यदि पार्टी हाईकमान राजकुमार ठुकराल को कांग्रेस में शामिल करता है या आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट देता है तो वह शीर्ष नेतृत्व के फैसले का सम्मान करेंगी और पार्टी हित में काम करती रहेंगी। सूत्रें की मानें तो मीना शर्मा के इन रुखों से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राजकुमार ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री अब केवल समय का सवाल हो सकती है। जिस तरह से सोशल मीडिया पर मीना शर्मा के बयान सामने आए हैं, उससे यह साफ झलकता है कि वह इस संभावित राजनीतिक बदलाव के खिलाफ मोर्चा खोलने के मूड में नहीं हैं। कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। एक ओर ठुकराल के खिलाफ दर्ज मुकदमा सियासी रणनीति को गरम बना रहा है, तो दूसरी ओर कांग्रेस में उनकी संभावित एंट्री और टिकट की अटकलें नए समीकरण गढ़ती दिख रही हैं। ऐसे में अब सबकी निगाहें पार्टी हाईकमान के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस पूरे मसले पर क्या फैसला करता है और आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति किस नई दिशा में बढ़ती है।
विपक्ष की रणनीति पर फिरता दिख रहा पानी?
रुद्रपुर। स्थानीय राजनीति में हलचल तेज है। कांग्रेस नेत्री मीना शर्मा भले ही पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल पर मुकदमा दर्ज कराने में सफल रहीं, लेकिन उनकी कांग्रेस में संभावित एंट्री को रोक पाने में वे कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। सूत्रें की मानें तो भाजपा के भीतर ही कुछ धड़े ठुकराल की कांग्रेस में शामिल होने के खिलाफ सक्रिय थे और इस दिशा में पर्दे के पीछे रणनीति भी बनाई जा रही थी, मगर तमाम प्रयासों के बावजूद तस्वीर बदलती दिख रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजकुमार ठुकराल कांग्रेस हाईकमान के संपर्क में हैं और कई स्थानों पर एक मंच पर उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। पार्टी के भीतर ठुकराल के स्वागत को लेकर सहमति बनती जा रही है। इसी बीच मीना शर्मा का सार्वजनिक विरोध सीमित रहने की अटकलें तेज हैं, जबकि अंदरखाने वे ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री को लेकर अपनी मौन स्वीकृति दे चुकी हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने विपक्षी खेमे की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या महीनों की तैयारी और सियासी दांव-पेंच बेअसर हो जाएंगे? क्या ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री से क्षेत्रीय राजनीति का संतुलन बदल जाएगा? रुद्रपुर की सियासत में उठे इन सवालों ने आने वाले दिनों में नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत दे दिए हैं।
