सिडकुल में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ पिंजरे में हुआ कैद
रुद्रपुर । सिडकुल स्थित नील ऑटो कंपनी के समीप पिछले दो दिनों से दिखाई दे रहे तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। तेंदुए की दस्तक से रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ था। शुक्रवार को विधायक शिव अरोरा, डीएफओ, तहसीलदार और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे ही थे कि स्थानीय लोगों ने गेहूं के खेत में तेंदुए के होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही विधायक शिव अरोरा बिना देरी किए प्रशासन और वन विभाग की टीम के साथ खेत की ओर निकल पड़े। जहां अचानक तेंदुआ के सामने आ जाने से विधायक शिव अरोरा सहित वन अधिकारी व कर्मचारी जान बचाते हुए वहां से भाग खड़े हुए। हांलांकि बाद में रात्रि के दौरान वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू कर लिया। बाद में विधायक जख्मी तेंदुआ के कुछ नजदीक तक पहुंच गये। विधायक ने बताया कि स्थिति बेहद संवेदनशील थी क्योंकि उनके और तेंदुए के बीच मात्र कुछ ही कदमों का फासला था। उन्होंने मौके पर ही डीएफओ उमेश तिवारी को निर्देशित किया कि जनता की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती, इसलिए तत्काल जाल बिछाकर नियमानुसार तेंदुए का रेस्क्यू किया जाए। विधायक के निर्देश पर वन विभाग ने आवश्यक उपकरण मंगाकर घेराबंदी शुरू की। लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया। वर्तमान में टांडा रेंज में डॉ. हिमांशु पाठक की देखरेख में तेंदुए का उपचार किया जा रहा है। विधायक शिव अरोरा ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर डटे रहकर अपनी मौजूदगी में पूरे ऑपरेशन को संपन्न कराया। सफल रेस्क्यू के बाद विधायक ने सिडकुल और आसपास के ग्रामीणों से अपील की कि वे अभी भी सतर्क रहें और शाम के समय अकेले बाहर न निकलें। उन्होंने वन विभाग को उन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं जहाँ तेंदुए की सक्रियता की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान डीएफओ उमेश तिवारी सहित वन विभाग और पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
