February 12, 2026

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हरीश रावत का भाजपा मुख्यालय कूच,पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कड़ी नोकझोंक

हरदा ने कहा : बीजेपी का चुनावी एजेंडा सिर्फ हिंदू-मुस्लिम राजनीति तक ही सीमित
देहरादून (उद संवाददाता)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरूवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने एआई से निर्मित वीडियो के विरोध में भाजपा मुख्यालय तक एकांकी मार्च किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें मुख्यालय तक जाने से रोकते हुए बैरिकेड लगाकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कड़ी नोकझोंक भी देखने को मिली। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और हरीश रावत सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि समाज में झूठ फैलाने और उनकी साख को नुकसान पहुँचाने के लिए एआई तकनीक का उपयोग कर उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र और सार्वजनिक संवाद के लिए गंभीर चुनौती बताया। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने पर हरीश रावत सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि एआई से तैयार किए ऐसे वीडियो न केवल लोकतंत्र के लिए खतरा हैं, बल्कि राजनीतिक विरोधियों की छवि खराब करने का नया हथियार बनते जा रहे हैं।रावत का कहना है कि इस तरह के वीडियो देश की सामाजिक एकता और सद्भावना को तोड़ने की कोशिश करते हैं। हरदा ने कहा बीजेपी का चुनावी एजेंडा सिर्फ हिंदू-मुस्लिम राजनीति तक ही सीमित है, ताकि बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, महिलाओं पर अत्याचार, कुपोषण और पलायन जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। साथ ही हरीश रावत ने प्रदेश सरकार पर बेरोजगार युवाओं के साथ वादािखलाफी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने विभिन्न विभागों में भर्ती कराने का वादा किया था, लेकिन अभी तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी नौकरी की आस में बैठे युवाओं की उम्र पार हो रही है, और इससे युवा पीढ़ी असंतुष्ट और निराश है। हरीश रावत ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार एक माह के भीतर युवाओं के रोजगार वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो वह 30 जनवरी, 2026 को गांधी पार्क में 24 घंटे का धरना देंगे। उन्होंने इस दौरान कार्यकर्ताओं और युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के विरोध में एकजुट होने की अपील की। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी हरीश रावत का समर्थन करते हुए कहा कि एआई तकनीक का दुरुपयोग कर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ झूठ फैलाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से तुरंत संज्ञान लेने और युवाओं के रोजगार के मुद्दों पर कार्रवाई करने की मांग की।

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