महारैली में चुनाव आयोग और मोदी सरकार के खिलाफ गरजे कांग्रेसी,देशभर से दिल्ली पहुंचे कार्यकर्ता
नई दिल्ली। कथित वोटर लिस्ट में हेरफेर के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन करते हुये सरकार के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। महारैली में वक्ताओ ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर तीखे हमले बोले। आज रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महारैली को सम्बोधित करते हुये पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद में जवाब देना एक बात है, लेकिन सरकार ने कांग्रेस के सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गृहमंत्री ने संसद में अपने मन से जवाब दिए और गलत जानकारी पेश की। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने साफ तौर पर पूछा था कि वोट कैसे और किस तरीके से चोरी किए गए, जिस पर राहुल गांधी ने सबूतों के साथ बात रखी। इसके बावजूद सरकार ने सच्चाई से मुंह मोड़ लिया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र और हरियाणा की सत्ता में आई सरकारें वोट चोरी के जरिए बनी हैं। खड़गे ने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग जनता की असली पसंद से नहीं, बल्कि चुनावी गड़बड़ियों के जरिए चुने गए हैं और कांग्रेस इस सच्चाई को देश की जनता तक पहुंचाएगी। राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग भी केन्द्र सरकार का सहयोग कर रहा है। कांग्रेस ने इसकी सच्चाई निकाल कर जनता के सामने पेश की। उन्होंने कहा कि संविधान में स्पष्ट है कि एक व्यक्ति को एक ही वोट मिलेगा। लेकिन आज इसके विपरीत हो रहा है। राहुल ने सभी कार्यकर्ताओं संे एक जुट होकर संगठन कांे मजबूत बनाने और केन्द्र से भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए कार्य करने को कहा। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयुक्त और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर हुकार भरी। प्रियंका ने कहा कि सभी देशवासियों को अपने वोट के अधिकार के लिए जागना होगा। वहीं कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व राहुल गांधी से डरा हुआ है और सत्ता बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। वक्ताओं ने दावा किया कि सरकार उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि आम जनता के अधिकारों की अनदेखी हो रही है। रैली में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कांग्रेस नेताओं ने उन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संस्था न रहकर मोदी आयोग में बदल गया है। कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी ने तथ्यों और सबूतों के साथ कथित वोट चोरी को उजागर किया है। रैली को कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी सम्बोधित किया। कांग्रेस की वोट चोरी के खिलाफ इस रैली के लिए किसी भी विपक्षी नेता को नहीं बुलाया गया है। अब तक कथित वोट चोरी के खिलाफ अभियान के तहत 5.50 करोड़ हस्ताक्षर जुटाए जा चुके हैं। रैली के बाद कांग्रेस नेताओं की राष्ट्रपति से मिलने की सम्भावना है और उनके कार्यालय में ज्ञापन और हस्ताक्षर सौंपेगे। महारैली से पूर्व कांग्रेस के अधिकांश सांसद इन्दिरा भवन में एकत्र हुये और वहां से रामलीला मैदान के लिये रवाना हुये। रैली में उत्तराखण्ड और उत्तरप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिस्सा लिया।



उत्तराखण्ड से कुमारी शैलजा, उत्तराखण्ड कांग्रेस गणेश गोदियाल,नेता प्रतिपक्ष यक्षपाल आर्य, पूर्व सीएम हरीश रावत , करन माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, प्रीतम सिंह, विधायक गोपाल सिंह राणा, हरक सिंह रावत, राजेन्द्र सिंह भण्डारी,तिलकराज बेहड़, सुमित हृदयेश, हिंमाशु गाबा,हरीश पनेरू,गुलशन सिन्धी,ममता रानी,संजय जुनेजा, सौरभ बेहड़, मीना शर्मा, अनिल शर्मा, सौरभ शर्मा, इन्द्रजीत सिंह, गौरव खुराना, सुशील मण्डल, अर्जुन विश्वास, परिमल राय, सुमित राय, प्रीति साना, ज्योति टम्टा, संजीव रस्तोगी, बाबू विश्वकर्मा, संदीप चीमा, योगेश चौहान, उमा सरकार, सीपी शर्मा, हसनैन मल्लिक,सत्यपाल सिंह, हरिदेव हैरी, संदीप सहगल, रामदेव शर्मा, शैलेन्द्र शर्मा, नारायण हालदार, ममता हालदार, केदार पड़लिया, शंकर जोशी, खजान पाण्डे, जितेन्द्र सरस्वती सहित हजारों की संख्या में कांग्रेसियों ने भाग लिया।








