February 13, 2026

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सबकी नजर: बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले पर सुनवाई कल , रेलवे और उत्तराखंड सरकार की विधिक तैयारी पूरी

देहरादून/हल्द्वानी(उद संवाददाता)। रेलवे स्टेशन से लगे बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में 2 दिसंबर यानि कल की तारीख में कोई फैसला सुनाए जाने की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अदालत में इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई होगी। पिछली तारीख में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बागची की बेंच में इसकी सुनवाई हुई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गृह सचिव शैलेश बगौली ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर विधिक तैयारियों की समीक्षा की है। मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा कुछ समय पहले रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के साथ इस विषय पर चर्चा की थी ताकि अतिक्रमण हटने के बाद यहां से नई ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। दोनों की बैठक के बाद रेलवे मंत्रालय के वकील भी सुप्रीम कोर्ट में गंभीरता से खड़े हुए दिखाई दिए है। सुप्रीम कोर्ट में पिछली 14 नवंबर को बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले की सुनवाई हुई थी कब्जेदारों और सरकार पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई अगली तिथि 2 दिसंबर तय की गई है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस जयमाला बागची के बेंच में उक्त केस की सुनवाई हुई थी जानकारी के अनुसार माननीय उच्चतम न्यायालय में बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्चतम न्यायालय में पक्षकारों द्वारा अपना पक्ष रखा गया था। रेलवे द्वारा अपनी योजना के अनुरूप निर्माण हेतु 30 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई गई तथा इस पर हुए अतिक्रमण को शीघ्र खाली कराते हुए इस भूमि को यथाशीघ्र खाली करने हेतु न्यायालय से निर्देश देने का अनुरोध किया गया। पिछली सुनवाई के दौरान बेंच ने ये भी कहा था कि इस मामले को वे अगली तारीख में विस्तार से सुनेंगे। 14 नवंबर की सुनवाई में रेलवे की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी तथा उत्तराखंड सरकार की ओर से अभिषेक अत्रे उपस्थित रहे। कब्जेदारों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद प्रशांत भूषण सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे थे विपक्षी उत्तर दाताओं के अधिवक्ताओं द्वारा दो प्रमुख बिंदु उठाया गया है कि रेलवे द्वारा जो जमीन की माँग की गई है वह माँग पूर्व में नहीं थी और रेलवे के इंÚास्ट्रक्चर को अब नुकसान नहीं होगा क्यों की रिटेलिंग वाल का निर्माण कर दिया गया है तथा दूसरा बिंदु यह उठाया गया है कि लंबे समय से रहने वाले लोगों को अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने की बात कही जा रही है जो कि अनुचित है। इसका विरोध रेलवे की अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि बनभूलपुरा रेलवे मामले में रेलवे की अदालत में कई सालों तक ये मामला चला उसके बाद हाई कोर्ट में भी सुनवाई हुई, जिसमें फैसला कब्जेदारी के खिलाफ गया।सुप्रीम कोर्ट में कल होने वाली सुनवाई में क्या निर्णय आएगा इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता किंतु जिला प्रशासन ने बैठक करके बनभूलपुरा क्षेत्र के साथ साथ शहर के अन्य हिस्सों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। डीएम ललित मोहन रयाल और एसएसपी मंजू नाथ टी सी ने पूरे क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांट करके अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। रेलवे अतिक्रमण मामले के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पूर्व एसएसपी मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर बनभूलपुरा क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों के साथ शांति एवं कानून व्यवस्था को लेकर पीस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।सर्वोच्च न्यायालय में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले पर आगामी निर्णय को ध्यान में रखते एडीएम शैलेन्द्र नेगी व एसपी मनोज कत्याल की उपस्थिति में रविवार को बनभूलपुरा क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों, जनप्रतिनिधियों व समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। जिसमें अधिकारियों ने कहा कि पुलिस/प्रशासन का स्पष्ट संदेश है अफवाह रोकें, फैसले का सम्मान करें, कानून व्यवस्था में सहयोग दें।बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बनभूलपुरा के जागरूक नागरिकों की भूमिका की सराहना की गई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का अनुपालन को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा सोशल मीडिया पर भ्रामक व उकसाने वाली पोस्ट न करें और न ही फॉरवर्ड करें। उन्होंने कहा कि यह मामला संवेदनशील है, और सभी से मानवता व संयम के साथ सहयोग अपेक्षित है।दुष्प्रचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।।मोहल्लों व परिवारों तक स्पष्ट एवं सही जानकारी पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा अराजक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर सभी की सामूहिक निगरानी आवश्यक है। बैठक में उपस्थित सभी नागरिकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान, कानून व्यवस्था में सहयोग तथा सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने का आश्वासन दिया। शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते अधिकारियों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, वह सर्वोपरि होगा। सभी नागरिक शांति बनाए रखें, अफवाहों से दूर रहें और कानून व्यवस्था में सक्रिय सहयोग करें।बैठक में उपस्थित नागरिक एवं जनप्रतिनिधिअ जिन्होंने अपने विचार रखे मोहम्मद नबी, मौलाना मुफीम कासमी ;उमर मस्जिदद्ध, पार्षद वार्ड 24 सलीम सैफी, पार्षद इमरान खान, इंदिरानगर निवासी तस्लीम अंसारी, पार्षद धर्मवीर आदि मौजूद रहे। बैठक में प्रशासन एवं पुलिस अधिकारीगणों में एसडीएम राहुल शाह, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, सीओ सिटी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, थानाध्यक्ष बनभूलपुरा सुशील जोशी अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे।

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