मोदी के इशारों से धामी के विरोधियों की हुई बोलती बंद
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इशारा बड़ा राजनीतिक संदेश दे गया। मंच पर सरकार के निर्णयों का समर्थन कर प्रधानमंत्री मोदी ने जहां युवा मुख्यमंत्री का उत्साह बढ़ाया, वहीं उन विरोधियों के मुंह पर भी ताला लगा दिया, जो पिछले कुछ समय से धामी के नेतृत्व पर सवाल उठाने और सत्ता परिवर्तन की अफवाहें फैलाने में लगे थे। देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने भाषण में नकल विरोधी कानून, मदरसा बोर्ड की समाप्ति और डेमोग्राफी संतुलन की बात कर सरकार की तारीफ कर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का समर्थन किया। यहां आपको बता दे कि प्रदेश में बीते कुछ महीनों से समय-समय पर मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाएं उठती रही हैं। मुख्यमंत्री श्री धामी के दिल्ली दौरों के बाद कुछ विरोधी तत्व मीडिया में माहौल बनाने की कोशिश करते रहे। किंतु प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे ने सारी अटकलों को विराम दे दिया। प्रधानमंत्री की यह सार्वजनिक प्रशंसा इस बात का प्रमाण है कि केंद्र नेतृत्व मुख्यमंत्री धामी के काम और दृष्टिकोण से संतुष्ट है। मुख्यमंत्री धामी ने पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड को विकास के नए पथ पर अग्रसर करने का प्रयास किया हैकृचाहे निवेश के लिए नीति निर्माण हो, भ्रष्टाचार पर अंकुश की बात हो, या युवाओं को अवसर देने की दिशा में निर्णय। प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों और उनके हावभाव ने इन प्रयासों पर मुहर लगा दी है। समारोह स्थल पर मौजूद हजारों लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के इस स्नेहिल क्षण को राज्य की मजबूती के रूप में देखा। समर्थकों के चेहरों पर जहाँ गर्व और उत्साह झलक रहा था, वहीं विरोधी खेमे में सन्नाटा पसर गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह संकेत न केवल धामी की स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले संगठन और सरकार के बीच सामंजस्य की तस्वीर भी पेश करता है। अब यह साफ हो गया है कि उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहें मात्र कल्पना हैं। प्रधानमंत्री मोदी का विश्वास और जनता का समर्थन मुख्यमंत्री धामी के साथ है, और यही भरोसा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।
