अल्मोड़ा मैग्नेसाइट के सैकड़ां कर्मियों ने डीएम कार्यालय में दिया धरना
बागेश्वर। जिले की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाई अल्मोड़ा मैग्नेसाइट में कर्मियों ने कर्मचारी हितों की अनदेखी होने और कम्पनी के एमडी पर कुछ कर्मचारी नेताओं और चंद अन्य कर्मियों को ही संरक्षण देने, और अन्य कर्मियों के हितों की अनदेखी करने, मनमाना रवैया अपनाते हुए फैक्ट्री में कार्यरत कर्मियों को वेतन सहित अन्य भुकतान हेतु परेशान किए जाने के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।लम्बे समय से वेतन नही मिलने और कुछ ही कर्मियों को वेतन सहित अन्य लाभांश समय से देने और अन्य कर्मियों के साथ दोहरा रवैया अपनाने पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में लंबित वेतन और अन्य देयकों का समय से भुकतान दिलाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया।सैकड़ो कर्मी वेतन दिए जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में आज दो अभी दो हमारा हक हमें दो के नारे लगाते हुए 26 नवंबर तक अवशेष वेतन का भुकतान नही देने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी देने लगे।सैकड़ो फैक्ट्री कर्मी जिलाधिकारी कार्यालय में एकत्रित हो गए।इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी कर्मियों को अपना समर्थन दिया।कर्मियों को अपना समर्थन देते हुए क्षेपं सदस्य फौजी फतेह सिंह करायत ने अपने सम्बोधन में कहा कि क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी और परिवार के संचालन का प्रमुख केंद्र अल्मोड़ा मैग्नेसाइट है।सैकड़ो कर्मियों को फैक्ट्री से रोजगार मिला है।पर काम के बदले कर्मियों को समय से वेतन नही मिलने से कर्मियों के हितों की अनदेखी की गई है।वेतन मिलने की राह देख रहे कर्मियों को महीनों से वेतन नही दिया जाना और विरोध करने पर अनायास परेशान किए जाने से कर्मियों का मानसिक रूप से शोषण किया जाना कतई उचित नही है।उन्होंने कंपनी के एमडी और फैक्ट्री प्रबंधन पर जल्द कर्मियों को अवशेष वेतन का भुकतान नही करने पर फैक्ट्री परिसर के समीप कर्मियों के साथ आंदोलन करने की चेतावनी दी।सभा करते हुए कंपनी के वर्करों ने वर्कर यूनियन के पदाधिकारियों पर कर्मियों का साथ नही देने के आरोप लगाते हुए धरने में अध्यक्ष और सचिव के नही पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए सँगठन का साथ नही देने पर अविस्वास प्रस्ताव पारित करते हुए जल्द आकस्मिक बैठक कर मजदूर सँगठन पदाधिकारियों द्वारा कर्मियों के हितों के लिए आवाज नही उठाने पर निंदा प्रस्ताव लाने सहित कर्मचारी हितों की अनदेखी होने पर आरपार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी। वही अध्यक्ष चंदन रौतेला ने जांच में अधिकारी स्तर का मामला होने की बात कही है।कहा कि कर्मचारियों के हितों के लिए जो उचित होगा किया जाएगा।वेतन सहित अन्य मांगों के लिए जिलाधिकारी और एमडी को ज्ञापन दिया गया है।कम्पनी कर्मचारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए जल्द अवशेष वेतन का भुकतान कराए जाने की मांग की।वही कर्मियों ने जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे का कर्मियों के हितों में उन्हें सहयोग देने और जांच कमेटी का गठन किए जाने पर उनका आभार जताया। कंपनी कर्मचारियों ने पांच माह का वेतन, दीपावली बोनस और शीघ्र अल्मोड़ा मैग्नेसाइट को खोले जाने की मांग की।कर्मचारियों ने डीएम से 25 नवंबर तक वेतन का भुकतान नही किए जाने पर 26 नवंबर से अपने परिवारजनों के साथ सभी कर्मियों द्वारा क्रमिक अनशन करने की चेतावनी दी है।इस दौरान धरना प्रदर्शन करने वालों में शांति लाल,भगवान सिंह, देवेंद्र सिंह,विनोद जोशी, हरीश सिंह, दिनेश सिंह, राजेन्द्र प्रसाद,जगदीश प्रसाद, मनोज कुमार,बलवंत प्रसाद, जीवन सिंह, दलीप सिंह, जगदीश सिंह, कमल सिंह, बालम सिंह, पूरन सिंह नरेंद्र सिंह सहित सौ से अधिक कर्मी मौजूद थे। वहीं मैग्नेसाइट वर्कर अपनी मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।जहां फैक्ट्री में कार्यरत सैकड़ो कर्मी पहुंचे।पर कर्मियों के धरना प्रदर्शन और सभा के दौरान वर्कर यूनियन के अध्यक्ष और सचिव नही दिखने पर नाराजगी जताते नजर आए।
