February 11, 2026

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नाराज नेताओं को मनाने में जुटे बेहड़

रूद्रपुर। निकाय चुनाव में पूर्व काबिना मंत्री की प्रतिष्ठा बन चुकी मेयर सीट पर जीत हासिल करने के लिये पार्टी पदाधिकारियों द्वारा जीतोड़ कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में विगत दिवस पार्टी पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा देने वाले ट्रांजिट कैंप में बंगाली समाज से जुड़े कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओ को मनाने के लिये आज स्वयं पूर्व काबिना मंत्री तिलकराज बेहड़ एक वरिष्ठ पदाधिकारी के आवास पर पहुंचे जहां उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने वाले अधिकांश पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ गोपनीय बैठक की और उन्हें विश्वास दिलाया कि पार्टी में किसी भी पदाधिकारी व कार्यकर्ता की उपेक्षा नहीं की जायेगी और भविष्य में सभी को विश्वास में लेकर चुनाव की तैयारियां की जायेगी। काफी देर तक श्री बेहड़ उन्हें समझाते रहे। लेकिन नाराज पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उन्हें स्पष्ट रूप से वह अभी कोई निर्णय नहीं लेेगे और समाज के पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक बुलायेंगे जिसमें कोई भी निर्णय सामूहिक रूप से ही लिया जायेगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी निकाय चुनाव में वर्तमान स्थित में सक्रिय रूप से भागीदारी नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने कांग्रेस पार्टी से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। काफी तक जब श्री बेहड़ रूष्ठ कार्यकर्ताओं को मनाने में असफल रहे तो वह वहां से वापिस लौट आये। गौरतलब है कि मेयर एवं कई पार्षद पदों पर टिकट वितरण को लेकर पार्टी में भारी उठापटक चल रही है। मेयर पद पर टिकट न मिने से रूष्ट ममता रानी व सुनील आर्य ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है तो वहीं कई रूष्ट कार्यकर्ता पार्षद पद पर भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोके हुए है। जिसे देखते हुए काबिना मंत्री श्री बेहड़ स्वयं व्यक्तिगत रूप से सभी नाराज पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे हैं। देखना है कि उन्हें इसमें कितनी सफलता हसलि होती है। क्या वह मेयर पद पर पार्टी प्रत्याशी नंद लाल को जीत का सेहरा पहना पायेंगे या नहीं यह आगामी 20 नवम्बर को पता चलेगा।
भाजपा ने नजूल भूमि पर बैठे लोगों को किया चुनाव लड़ने से वंचितःबेहड़
रूद्रपुर,24अक्टूबर। पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जो शासनादेश संयुत्तफ़ परिवार की भाषा को लेकर नगरपालिका अधिनियम 1916 धारा 13घ(ढ़) में अंकित परिवार व कानूनी वारिस परिभाषा का शासनादेश जारी किया है उसका कोई लाभ रूद्रपुर में नजूल पर बसे लोगो को नगर निगम चुनाव में नहीं मिलेगा। भाजपा सरकार ने जानबूझकर लोगो को गुमराह करने के लिये पालिका एक्ट 1916 में संशोधन कर और कठिन बना दिया गया है। जानबूझकर नजूल पर बसे लोगो का अधिकार शासनादेश में परिभाषा को परिभाषित करते हुये परिवार के ब्लड रिलेशन के साथ इसको जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले तो मात्र संयुत्तफ़ परिवार की परिभाषा थी अब जानबूझकर सरकार ने नजूल पर बसे लोगो के पूरे ऽानदान को चपेट में ले लिया है। इससे भाजपा का असली चेहरा उजागर हुआ है। बेहड़ ने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि सरकार ने माननीय न्यायालय की आड़ में पूर्व मेयर व पार्षदों के परिवार को चुनाव लड़ने से वंचित किया है। यह हिन्दुस्तान में आजादी के बाद भाजपा सरकार का तुगलकी फरमान है। उन्होेंने कहा कि नजूल पर राजनिति करने वाले भाजपा के नेता आज कहां हैं। आज मालिकाना हक देने के बजाय नजूल पर बसे लोगो को चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया है। नगर निगम चुनाव में जनता भाजपा सरकार को सबक सिऽाये।

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