February 13, 2026

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मुख्य सचिव ने केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

रुद्रप्रयाग(उद संवाददाता)। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण व विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य निष्पादन का विस्तार से जायजा लिया। धाम भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी प्रतीक जैन से सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में धार्मिक आस्था, वास्तुकला की गरिमा और सौंदर्यबोध का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल, 23 अक्टूबर को बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं, ऐसे में आवश्यक है कि कपाट बंद होने के बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा, सामग्री संरक्षण एवं कार्यों के रखरखाव की पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए, विशेषकर बर्फबारी की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अब से ही वर्ष 2026 की यात्र के लिए पूर्व तैयारी प्रारंभ कर दी जाए। उन्होंने कहा कि अगले यात्र सीजन में श्रद्धालुओं को और अधिक सुविधाएं, सुरक्षा और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके, इसके लिए बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक सेवा से जुड़ी इकाई की जिम्मेदारी पहले से तय की जाए और उनके क्रियान्वयन की सतत मॉनिटरिंग की जाए। मुख्य सचिव ने केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम आज केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान का एक जीवंत प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का उद्देश्य केवल भौतिक निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं, बल्कि आस्था और सुविधा के संतुलन को सुनिश्चित करना है। हमारा लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को यहां आने पर एक पवित्र, सुरक्षित और दिव्य अनुभव मिले, जो जीवन भर उनके साथ बना रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्र से जुड़े सभी विभाग आपसी सहयोग और समन्वय से कार्य कर रहे हैं, जिससे हर वर्ष यात्र व्यवस्था पहले से बेहतर हो रही है।

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