जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण मामले पर हाईकोर्ट ने तलब की ‘जांच रिपोर्ट’
हाई कोर्ट की डबल बेंच ने की सुनवाई, पीड़ित पक्ष ने हाई कोर्ट में की घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग
नैनीताल। उत्तराखंड में दो माह पूर्व संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव में नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हुए बवाल, जिसमें फायरिंग एवं पांच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण जैसी संगीन वारदात हुई थी, से संबंधित मामले नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से अब तक हुई जांच की विस्तृत रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि बीते रोज हुई सुनवाई में नैनीताल हाई कोर्ट ने पांच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण, चुनाव में डाले गए एक मतपत्र पर ओवरराइटिंग की शिकायत और जिला पंचायत का चुनाव रिपोलिंग कराने को लेकर लिए गए स्वतः संज्ञान और पीड़ित पक्षकार की याचिका पर एक साथ सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार से अब तक की गई जांच की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा । जिस पर राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि घटना के दिन जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण के मामले की जांच सीआईडी को दी गई है। जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इस पर राज्य सरकार के तर्क का विरोध करते हुए पीड़ितों की तरफ से कहा गया कि सीआईडी पहले से वहां पर मौजूद थी, उनको तब पता नहीं चला, तो अब क्या रिपोर्ट देंगे? पीड़ितों का कहना था कि मामले की जांच करानी है, तो उच्च स्तर की जांच एजेंसी से कराई जाए।कोर्ट में राज्य सरकार ने रिपोर्ट पेश करने के लिए समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने दो दिन का समय देते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तारीख तय की है। स्मरण करना होगा कि गुजरे 14 अगस्त को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान पांच जिला पंचायत सदस्यों का पोलिंग बूथ के बाहर से सरे आम अपहरण कर लिया गया था । जिसका नैनीताल हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की थी और राज्य सरकार से कहा था कि वह मामले की स्वतंत्र जांच कर कोर्ट जांच रिपोर्ट में पेश करे लेकिन जांच रिपोर्ट आज दिनांक तक पेश नहीं की गई। जबकि, चुनाव हुए दो महीने का समय बीत चुका है। सोमवार को हुई सुनवाई पर राज्य सरकार की तरफ से यह कहते हुए जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया कि मामले की जांच सीआईडी यानी क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट को दे दी गई है। जिसकी रिपोर्ट अभी तक सरकार को प्राप्त नहीं हुई है ,लिहाजा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कुछ और समय दिया जाए। जिस पर कोर्ट ने समय देते हुए अगली सुनवाई के लिए बुधवार 15 अक्टूबर की तारीख नियत की है।
