नैनीताल जिले की डीएम वंदना सिंह ने छोड़ी अमिट छाप : ईमानदार और बेबाक छवि से बनाई प्रशासनिक पहचान
नैनीताल (उद ब्यूरो)।जब कोई अफसर अपनी कुर्सी नहीं, बल्कि अपने काम से नाम कमाता है तब वह शहर की याद बन जाता है। ऐसा ही नाम है नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह का, जिन्होंने 17 मई 2023 को जिले की कमान संभालने के बाद अपने कार्यकाल में प्रशासन को तेजी और पारदर्शिता से आगे बढ़ाया। उन्होंने अपनी ईमानदार और बेबाक प्रशासनिक छवि बनाकर न सिर्फ सरकार की नीतियों को जनता के बीच कार्यान्वित किया बल्कि अपनी सख्त कार्यप्रणाली से जिले में अवैध गतिविधियों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्यवाही को अंजाम तक पहुंचाकर अमिट छाप छोड़ी है। डीएम वंदना की कार्यप्रणाली से क्षेत्रवासी के साथ ही प्रबुद वर्ग भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने जनसंवाद के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान के साथ ही विकास कार्यो के लिए लोगों के बीच पुहंचकर सक्रियता से काम किया। जिले से तबादला होने के बाद उनकी बेबाक छवि की चर्चाए थमी नहीं है। डीएम वंदना के कार्यकाल में हल्द्वानी के वनभूलपुरा में दंगाईयों पर हुई सशस्त्र कार्रवाई ने एक मिसाल कायम की है। गौरतलब है कि वंदना सिंह का कार्यकाल सख्ती और संवेदनशीलता का अनोखा संगम रहा। जहां अतिक्रमण की शिकायतें अक्सर दफ्तरों की फाइलों में दब जाती थीं, वहीं उन्होंने जमीन पर उतरकर कार्रवाई की। हल्द्वानी में हुए तनावपूर्ण हालात के दौरान उन्होंने साफ कहा था कि अतिक्रमण-कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी और किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके इस स्पष्ट रुख ने प्रशासनिक कार्यवाही को नई दिशा दी। विकास कार्यों में भी उनकी सक्रियता दिखाई दी। सड़कों, जल व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों के सुधार को उन्होंने अपनी प्राथमिकता में रखा। फिल्टर प्लांटों का निरीक्षण कर जलापूर्ति की गुणवत्ता और स्थायित्व पर निर्देश दिए। छोटे-छोटे इंÚास्ट्रक्चर सुधारों पर ध्यान देना उनके कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान रही। प्रशासनिक स्तर पर उन्होंने टीमवर्क को मजबूत किया। तहसील स्तर पर रोटेशन और विभागीय फेरबदल के जरिए जिम्मेदारी और जवाबदेही का माहौल बनाया। उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन चुस्त, सक्रिय और संवेदनशील बना।हालांकि, सख्त निर्णयों और तबादलों के कारण उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा, पर वंदना सिंह ने हमेशा शहर के दीर्घकालिक हित को प्राथमिकता दी। राजस्व भूमि पर अतिक्रमण हटाने और अवैध प्लॉटिंग रोकने की कार्रवाई उनके निर्देशों पर निरंतर जारी रही। नैनीताल के लोग यह मानते हैं कि वंदना सिंह के कार्यकाल में कई अधूरे कामों की दिशा तय हो चुकी है चाहे वह सड़क चौड़ीकरण हो, बाजारों का विकास हो या सार्वजनिक ढांचों में सुधार। आने वाले समय में इन्हीं योजनाओं की नींव पर जिले का भविष्य निर्मित होगा। जिलाधिकारी के पद पर वंदना सिंह का कार्यकाल यह साबित करता है कि एक सच्चा प्रशासक केवल आदेश नहीं देता, बल्कि उदाहरण बनता है। नैनीताल जिला प्रशासन में उनके निर्णय और नीतियाँ आने वाले अफसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
