पंतनगर किसान मेले में सीएम धामी ने सरकार की योजनाओं और विजन पर किया संवाद
पंतनगर। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एवं किसानों की प्रगतिश् विषय पर आधारित गोष्ठी एवं संवाद में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचने पर पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनमोहन चौहान ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर, पहाड़ी टोपी पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री धामी ने मेले में लगे विभिन्न विभागों, संस्थानों और स्थानीय उत्पादों से जुड़े स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां स्थानीय उत्पादों की सराहना की। गोष्ठी और संवाद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में वर्षों से आयोजित हो रहा यह किसान मेला सिर्फ कृषि उत्पादों और यंत्रें की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच नवाचार के आदान-प्रदान का मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि किसान मेले जैसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों, उन्नत बीजों, जैविक खेती, सिंचाई के आधुनिक तरीकों और बाजार की जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त होती है। इससे वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य और केंद्र सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ का सपना साकार हो रहा है, जिसमें किसान अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में 11 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। उत्तराखंड में लगभग 9 लाख किसानों को सालाना आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान से सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड का किसान आधुनिक तकनीकों से लैस होकर कम लागत में अधिक उत्पादन कर पाए, जिससे उसकी आमदनी बढ़े और जीवन स्तर ऊंचा हो। हम किसानों को केवल उपजकता नहीं, बल्कि उद्यमी के रूप में देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता देश की एकता, समानता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करती है। यह सामाजिक समरसता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही नकल विरोधी कानून की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमने युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे सरकारी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनी रहे और प्रतिभावान छात्रें को न्याय मिले। इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, अनिल डब्बू, सुरेश गड़िया, शंकर कोरंगा, रमेश जोशी, फुरजाना बेगम, राजेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं किसान मौजूद रहे।
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