मल्लीताल केओल्ड लंदन हाउस भवन में भीषण अग्निकाण्ड : बुजुर्ग महिला की मौत,करोड़ों की क्षति
पुलिस, एसडीआरएफ, दमकल और एनडी आरएफ की टीम समेत स्थानीय लोगों द्वारा करीब 4 घंटे में आग पर काबू पाया
नैनीताल। मल्लीताल के मोहन चौराहे में 1863 में निर्मित ओल्ड लंदन हाउस भवन में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। आग लगने से घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। स्थानीय लोगों ने घर में आग लगने की सूचना पुलिस को दी। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही देर में उसने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि घर में मां और बेटा रहते थे। बुजुर्ग महिला इतिहासकार प्रोफेसर अजय रावत की बहन शांता बिष्ट थीं। उनकी उम्र करीब 86 साल थी। जानकारी के अनुसार नैनीताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब मोहन चौराहे पर 1863 में बने ओल्ड लंदन हाउस में आग लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने आग लगने की सूचना तत्काल दमकल विभाग को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में जुटे रहे। आग पर काबू पाने के बाद दमकल कर्मियों और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला के शव को घर से बाहर निकाला। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। आग विकराल होती देख पुलिस ने एहतियातन आसपास की दुकानों और घरों को भी खाली करवा दिया। इसके साथ ही बिजली की आपूर्ति भी कट करा दी गई। अग्निकांड से इलाके में अफरा- तफरी मची रही। ढाई घंटे बाद 12ः30 बजे आग पर काबू पाया जा सका। इस बीच मौके पर आईजी रिद्धिम अग्रवाल, एसएसपी पीएन मीणा, एडीएम शैलेश नेगी, एसडीएम नवाजिश खलीक समेत कई अधिकारी पहुंच गए। कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया जिस घर में आग लगी वह लकड़ी से बना पुराना घर था। जिस वजह से आग तेजी से लगी। इसके बावजूद भी दमकल और पुलिस ने तत्परता से आग को फैलने से रोका। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की दुकानें भी चपेट में आ सकती थी। पुलिस, एसडीआरएफ, दमकल और एनडी आरएफ की टीम समेत स्थानीय लोगों द्वारा करीब 4 घंटे में आग पर काबू पाया। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से घर व सारा सामान जलकर राख हो गया। वहीं आग की चपेट में आने से 86 वर्षीय बुजुर्ग महिला शांता देवी की दर्दनाक मौत हो गई। घर में लगी आग इतनी भीषण थी कि दमकल विभाग को भी आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। दमकल कर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए करीब चार घंटे बाद आग पर काबू पाया। जिसके बाद आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिस घर में आग लगी उस घर में शांता देवी और उनका बेटा ििनखल रहते थे। बताया जा रहा है कि जिस वक्त घर में आग लगी बेटा घर से बाहर था, जिस कारण उसकी जान बच गई और बुजुर्ग महिला आग की चपेट में आ गई। पहले शांता देवी की बहन भी साथ रहती थी जिनका कोरोना काल में निधन हो गया था। जिस घर में आग लगी वह नैनीताल के पुराने भवनों में से एक है, जिसके ग्राउंड फ्लोर पर करीब दर्जन भर से अधिक दुकानें और रेस्टोरेंट हैं। घर में आग लगने के बाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया। सभी लोगों ने अपनी-अपनी दुकान तत्काल खाली की। हालांकि आग दुकान तक नहीं पहुंची पाई। नैनीताल में अग्निकाण्ड के बाद आईजी रिद्धिम अग्रवाल और एसएसपी देर रात तक मौके पर डटे रहे। विकराल हो रही आग को देखते हुए हल्द्वानी, रामनगर और उधम सिंह नगर समेत अन्य स्थानों से दमकल की गाड़ियों को नैनीताल बुलाया गया। साथ ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ भी मौके पर मौजूद रही। मौके पर स्थानीय विधायक श्रीमती सरिता आर्य भी मौजूद रही।
