आईजी रिद्धिम अग्रवाल की नई पहल : ‘मिशन नव शिखरः नई ऊँचाईयों की ओर’ अभियान शुरु,पुलिसिंग के हर क्षेत्र में दिखेगा सुधार
हल्द्वानी (उद संवाददाता)। आईजी कुमांऊ रिद्धिम अग्रवाल ने पुलिस के कामकाज और व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र, श्रीमती रिद्धम अग्रवाल की पहल पर ‘मिशन नव शिखरः नई ऊँचाईयों की ओर’ अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में सुधार, अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाना और जनता के बीच सुरक्षा व विश्वास को नई ऊँचाई तक पहुँचाना है। इस अभियान के अंतर्गत परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस उपाधीक्षक से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर तक के अधिकारी अलग-अलग विषयों पर अध्ययन और विश्लेषण करेंगे तथा एक ठोस कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसके लिए वे न केवल उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों से आँकड़े और जानकारी जुटाएँगे, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से भी नवाचारों का अध्ययन करेंगे। यदि किसी राज्य या एजेंसी में बेहतर व्यवस्था दिखाई देती है, तो संबंधित अधिकारी वहाँ जाकर उसे समझेंगे और अपने सुझावों में शामिल करेंगे। मिशन के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रें को केंद्र में रखा गया है। इनमें श्री कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीक आधारित यातायात प्रबंधन की कार्ययोजना, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट की पहचान व सुधारात्मक कदम,और अपराधों की विवेचना को और अधिक सटीक बनाने के लिए फॉरेंसिक क्षमताओं का विस्तार शामिल है। वहीं, नशे की तस्करी पर कड़ी निगरानी रखते हुए युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम को लेकर भी संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई पर बल दिया जाएगा, साथ ही पीड़ितों के पुनर्वास और कानूनी सहायता के लिए ठोस कदम उठाए जाएँगे। साइबर अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कैंपेन चलाए जाएँगे। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में ई-मोबाइल वैन के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाकर मिशन संवाद को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा पर्यटन सीजन में यातायात प्रबंधन, गंभीर मामलों की विवेचना को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए केस ऑफिसर स्कीम, सीमावर्ती क्षेत्रें की समस्याओं का समाधान, दंगा नियंत्रण,यूएपीए मामलों की विवेचना, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सीसीटीवी ग्रिड का विस्तार, आपदा प्रबंधन, पुलिस पोर्टलों की समस्याओं का समाधान, नए आपराधिक कानूनों पर प्रशिक्षण, आतंकवाद-रोधी कार्यवाही, पुलिस लाइन के संसाधनों का डिजिटलीकरण और आदि कैलाश-मानसरोवर यात्र की चुनौतियों का समाधान भी इस व्यापक कार्ययोजना का हिस्सा हैं। शहरी क्षेत्रें में फायर हाइड्रेंट की मैपिंग और उन्हें सक्रिय बनाए रखने की पहल भी इस मिशन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा अगस्त माह के अंत तक की जाएगी, जबकि विस्तृत कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतिकरण अक्टूबर के अंत तक परिक्षेत्रीय स्तर पर होगा। इसके बाद अंतिम रूप से तैयार एकीकृत प्रस्ताव को उत्तराखण्ड पुलिस महानिदेशक के अवलोकनार्थ भेजा जाएगा। आईजी श्रीमती रिद्धम अग्रवाल ने कहा कि मिशन नव शिखर का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली में नवाचार लाना, अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाना तथा आमजन की सुरक्षा और विश्वास को नई ऊँचाईयों तक पहुँचाना है। यह अभियान पुलिसिंग के हर क्षेत्र में सुधार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
