राजकीय शिक्षकों की हड़ताल शुरू,विद्यालयों में पढ़ाई ठप्प
रूद्रपुर/रामनगर। राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आहवान पर सभी स्तरों पर रूकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया की बहाली, वर्तमान सत्र की रूकी हुई स्थानांतरिण प्रक्रिया को गतिमान करने चयन प्रोन्नत वेतन निर्धारण पर कोर्ट के हालिया निर्णय के अनुरूप एक वेतनवृद्धि दिये जाने हेतु आदेश जारी करने, वरिष्ठ कनिष्ठ वेतन निर्धारण पर प्राथमिक शिक्षकों हेतु जारी आदेश के समान माध्यमिक शिक्षकों हेतु भी आदेश जारी करने, प्रधानाचार्य सीधी भर्ती को हर हाल में निरस्त करने अटल आदर्श विद्यालयों में पूर्व से कार्यरत तथा नवीन चयनित शिक्षकों के गुणांक समान करने तथा उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया में समान रूप से शामिल करने आदि प्रमुख मांगों के समर्थन तथा इस सम्बंध में विभाग तथा सरकार के उदासीन रवैये के विरोध में शिक्षकों ने हड़ताल शुरू करते हुए जीआईसी बागवाला में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने कहा कि यदि शीघ्र ही समस्त मांगें पूरी नहीं की गयी तो आंदोलन उग्र रूप लेगा तथा 25 अगस्त को ब्लाक मुख्यालय 27 अगस्त को जिला मुख्यालय तथा 296 अगस्त को मण्डल मुख्यालय तथा 1 सितम्बर से शिक्षा निदेशालय देहरादून में जनपदवार धरना प्रदर्शन किया जायेगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान हरिदास विश्वास, राजेन्द्र सिंह, गरिमा पाण्डे, दीपक अरोरा, विनोद कुमार, यश यादव, नीलिमा कोहली, शमशेर सिंह खोलिया, कवीन्द्र सिंह नेगी, मनोज कुमार आगरी, डा- उमाशंकर आदि सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहै।
रामनगर- राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के प्रांतीय नेतृत्व के आ“वान पर सोमवार से प्रदेशभर के हाईस्कूल और इंटर कालेजों में शिक्षकों ने शिक्षण बहिष्कार आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन के चलते सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन पूरी तरह ठप्प रहा। संघ के प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल ने बताया कि शिक्षकों की मुख्य मांगों में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती प्रक्रिया पर रोक, सभी स्तरों की लंबित पदोन्नति सूचियों का प्रकाशन और स्थानांतरण प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभागीय अधिकारियों ने बीते दो वर्षों से लगातार वादािखलाफी की है, जिससे शिक्षकों में गहरा रोष व्याप्त है। मठपाल ने कहा, हम लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखते आ रहे हैं। जब कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो हमें मजबूर होकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करना पड़ा। शिक्षण बहिष्कार उसी का हिस्सा है। संघ ने आंदोलन की रूपरेखा भी घोषित की है। 25 अगस्त को ब्लॉक मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन होगा। इसके बाद 27 अगस्त को जिला मुख्यालय, 29 अगस्त को मंडल मुख्यालय स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। 1 सितंबर से जनपदवार शिक्षा निदेशालय पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। रामनगर ब्लॉक अध्यक्ष और मंत्री संजीव कुमार व अनिल कड़कोटी ने बताया कि रामनगर ब्लॉक के सभी राजकीय शिक्षक-शिक्षिकाएं शिक्षण बहिष्कार में शामिल रहे। यहां तक कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद बोर्ड कार्यालय में कार्यरत सभी शोध अधिकारी भी इस आंदोलन का हिस्सा बने। इधर शिक्षकों की हड़ताल के कारण आज से रामनगर ब्लॉक में प्रारंभ होने वाला ‘कौशलम् कार्यक्रम’ भी अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।
