February 13, 2026

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भाजपा नेता अजय तिवारी ने कहा : भाजपा को अपने हिसाब से चला रहे कुछ लोग, पूर्व विधायक शुक्ला पर लगाये गंभीर आरोप

रुद्रपुर(उद संवाददाता)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान किच्छा विधानसभा क्षेत्र में जो तस्वीर सामने आई है वह भाजपा के हित में नहीं है। इस पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर मंथन करना चाहिए। अन्यथा आगामी वर्ष 2027 में हाने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। पत्रकारों से बातचीत करते भाजपा नेता अजय तिवारी ने कहा कि ब्लाक प्रमुख के चुनाव में पार्टी ने ममता जल्होत्र को प्रत्याशी घोषित किया परंतु भाजपा के ही मंडल महामंत्री जितेन्द्र गौतम ने पार्टी से बगावत कर अपनी पत्नी रीना गौतम को निर्दलीय चुनाव लड़वाया। इतना ही नहीं किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का यह बयान भी आश्चर्यजनक था कि दोनों पहलवान भाजपा के ही हैं जो भी जीतेगा भाजपा का ही होगा। यहां उन्हें पार्टी का अनुशासन नहीं दिखाई दिया। श्री तिवारी ने कहा कि जब उन्होंने बागी के रूप में चुनाव लड़ा था तो अनुशासनहीनता के नाम पर उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। परंतु आज पार्टी का पूर्व विधायक बागी प्रत्याशी का समर्थन कर भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ कार्य रहा है उसके खिलाफ अनुशासनहीनता की अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि किच्छा विधानसभा क्षेत्र की तीनों जिला पंचायत सीटों पर भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। ऐसा क्यों हुआ? कौन लोग हैं इस हार के कारण? इस पर भी गहराई से मंथन करना जरूरी हो गया है। श्री तिवारी ने कहा कि भाजपा नेताओं में आपसी तालमेल का पूरी तरह से अभाव था। हर कोई अपने हिसाब से संगठन चला रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पार्टी के कार्यकताओं की भारी उपेक्षा की जा रही है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को हर चुनाव में अपना परिवार या चहेते लोग ही नजर आते हैं। आम कार्यकर्ता के प्रति उनका कोई सम्मान नहीं हैै वह नहीं चाहते हैं कि आम कार्यकर्ता क्षेत्र से आगे बढ़े। नगला नगर पालिका चुनाव इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। जो गलत परम्परा बन चुका है। उन्होंने कहा ब्लाक प्रमुख की पराजित प्रत्याशी के पति विपिन जल्होत्र ने भी आरोप लगाया है कि उनको हराने के पीछे अपने ही लोगों की प्रमुख भूमिका रही है। लेकिन यह आरोप लगाने से पहले उन्होंने यह भी देखना चाहिए कि उन्हें चुनाव लड़वाने वाले कौन लोग थे? सोच गलत है कि जीते तो मेरी मेहनत और हार गये तो दूसरों पर आरोप लगाना शुरू । हार के लिए अपनी कमियों को भी पहले देखना चाहिए।

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