February 12, 2026

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बड़ी खबर: खानपुर फायरिंग कांड का हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान ,डीएम एसएसपी को तलब कर हंगामे से संबंधित सभी वीडियो फुटेज पेश करने के दिए आदेश

नैनीताल। पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और खानपुर के विधायक उमेश शर्मा के बीच उपजे विवाद का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण पर हरिद्वार के एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल और जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह को तलब किया है। हाईकोर्ट ने गनवॉर प्रकरण पर पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चौंपियन और निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के बीच हुए बवाल का स्वतः संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल और जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह को 30 जनवरी को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की अदालत ने दोनों अधिकारियों को घटना से संबंधित सभी साक्ष्य पेश करने को कहा है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि उमेश कुमार और चौंपियन के अपराधों, मुकदमों और हथियारों का पूरा ब्योरा भी कोर्ट में पेश किया जाए। कोर्ट ने दोनों आरोपियों द्वारा किए हंगामे से संबंधित सभी वीडियो फुटेज, अखबारों की कतरनें, सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित सभी वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ पेश करने को कहा है। विधायक उमेश और चौंपियन पिछले काफी समय से एक दूसरे को डरा धमका रहे थे। शनिवार से पहले दोनों के बीच यह बहस और तनातनी सोशल मीडिया पर ही देखने को मिल रही थी, लेकिन शनिवार को ये जंग सोशल मीडिया से निकलकर सड़क तक पहुंच गई। गोलीकांड मामले के बाद पूर्व विधायक चौंपियन उनकी पत्नी और बेटे के नौ शस्त्रा लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। डीएम ने करवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।बता दें 26 जनवरी को हरिद्वार में हुए गोलीकांड के बाद बीते सोमवार को कोर्ट ने पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चौंपियन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने चौंपियन उनकी पत्नी कुंवर देवरानी और बेटे दिव्य प्रताप सिंह के नौ शस्त्रा लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। कारण बताओ नोटिस के अनुसार तीनों व्यक्तियों को नोटिस प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर व्यक्तिगत रूप से या अधिवक्ता के माध्यम से लिखित में जवाब देना। नोटिस में यह भी बताया गया है कि यदि नोटिस के बावजूद निर्धारित समयावधि में लिखित उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो जिला मजिस्ट्रेट की अदालत मामले में एकतरफा आदेश पारित किया जाएगा।

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