February 4, 2026

Uttaranchal Darpan

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मौसम विभाग ने कई जिलो में जारी किया हिमपात का अलर्ट

 चोटियों पर हिमपात और निचले क्षेत्रों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है और आंशिक बादलों के बीच उत्तराखंड में पहला हिमपात दर्ज किया गया है। बदरी-केदार समेत चारोें धाम और आसपास की चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है।वहीं काश्तकार भी सेब सहित अन्य फसलों के उत्पादन को लेकर चिंता जताने लगे थे। लेकिन रविवार दोपहर बाद मौसम बदलने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। मौसम विभाग की ओर से सोमवार को भी प्रदेश के आंशिक से लेकर पूर्ण रूप से बादल छाये रहने और ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की आशंका जताई गई है। जिससे पारे में और गिरावट आने के आसार हैं।पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदल ली है और करीब दो माह बाद वर्षा के आसार बने हैं। रविवार को सुबह से ही पर्वतीय क्षेत्रों में बादल मंडराते रहे। इसके साथ ही पहाड़ से मैदान तक दिनभर हल्की धूप के बीच हवाएं चलती रहीं। जिससे ठिठुरन महसूस की गई। शाम को ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हर्षिल, लोखंडी, सुक्की टाप, औली समेत अन्य चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई। इस दौरान निचले क्षेत्रों में सर्द हवाएं चलने से कड़ाके की ठंड महसूस की जाने लगी। मैदानी क्षेत्रों में भी वर्षा के आसार बने हुए हैं। साथ ही न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। देहरादून समेत कई क्षेत्रों में रात का पारा सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। जबकि, अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जिसके और नीचे जाने की आशंका है। उत्तराखंड में अक्टूबर और नवंबर लगभग सूखे रहने के बाद अब दिसंबर के दूसरे सप्ताह में बारिश के आसार बने हैं। जिससे प्रदेश में सूखी ठंड से भी निजात मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, प्रदेश में ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। जिससे ज्यादातर क्षेत्रों में बादल मंडरा रहे हैं। चोटियों पर हिमपात की सूचना है। सोमवार को देहरादून, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल,अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में चोटियों पर हिमपात और निचले क्षेत्रों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। जिससे ज्यादातर क्षेत्रों में पारे में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की आशंका है।

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