February 25, 2026

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केदारनाथ उपचुनाव में आशा नौटियाल की जीत से भाजपा खेमे में खुशी की लहर: विपक्ष की झूठी राजनीति और भ्रामक प्रचार के खिलाफ सत्य की विजय

देहरादून (उद संवाददाता)। केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने पांच हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की है। आशा नौटियाल की जीत से भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गयी। परिणाम घोषित होने के बाद कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया और मिठाईयां बांटकर खुशी का इजहार किया। मुख्यमत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस जीत को झूठी राजनीति और भ्रामक प्रचार के खिलाफ जनता के विवेक और सत्य की जीत बताया है। अंतिम चरण की मतगणना होने के बाद भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने 5623 वोटों से जीत दर्ज की। भाजपा को 23814 और कांग्रेस को 18191 वोट मिले। निर्दलीय प्रत्याशी त्रिभुवन चौहान तीसरे नंबर पर रहे। बता दें इस वर्ष नौ जुलाई को केदारनाथ विधानसभा की विधायक शैलारानी रावत के निधन से यह सीट खाली हो गई थी। 20 नवंबर को इस सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान हुआ। भाजपा ने इस सीट पर आशा नौटियाल को मैदान में उतारा था। जबकि कांग्रेस ने मनोज रावत को चुनाव लड़ाया। कुल छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। भाजपा से आशा नौटियाल और कांग्रेस से मनोज रावत के बीच मुकाबला था। इस सीट पर 57.64 फीसदी मतदान हुआ था। आज सुबह मतगणना शुरू होने के बाद से ही भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त बना ली थी। आशा नौटियाल की जीत से भाजपाईयों में खुशी की लहर दौड़ गयी। बता दें आशा नौटियाल, जो ऊखीमठ विकासखंड के दिलमी गांव की निवासी हैं, एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पति रमेश नौटियाल पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। आशा नौटियाल ने वर्ष 2002 में उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक के रूप में जीत दर्ज की थी। तब वह भाजपा से प्रत्याशी थीं। इसके बाद, वर्ष 2007 में भी क्षेत्रीय जनता ने उन्हें अपना विधायक चुना। हालांकि, 2012 और 2017 के चुनावों में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके संघर्ष और क्षेत्र में निरंतर जनसंपर्क ने उन्हें जनता के बीच मजबूत स्थिति दी। वर्ष 2017 में शैलारानी रावत के भाजपा में शामिल होने के बाद, आशा नौटियाल ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन वह तीसरे स्थान पर रही थीं। कुछ समय बाद आशा नौटियाल ने पार्टी में वापसी की और वर्ष 2022 में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बनीं। इस बार उनका फोकस गांव-गांव संपर्क और पार्टी के सदस्यता अभियान में था, जिससे उनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनी रही। इस बार, भाजपा ने उन्हें एक बार फिर से चुनाव मैदान में उतारा, और उन्होंने शानदार जीत हासिल की।केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली शानदार विजय पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथवासियों और भाजपा परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत समस्त कार्यकर्ताओं की निष्ठा, अथक परिश्रम और जनता जनार्दन का भाजपा की नीतियों पर अपार विश्वास का प्रतीक है। इस अभूतपूर्व सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूं जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से भाजपा प्रदेश में विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है। सीएम धामी ने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि नवनिर्वाचित विधायक आशा नौटियाल के प्रतिनिधित्व में हम सभी शैला दीदी के सपनों व आप सभी क्षेत्रवासियों की उम्मीदों के अनुरूप सशक्त और समृद्ध केदारनाथ विधानसभा के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेंगे। यह जीत विपक्ष की झूठी राजनीति और भ्रामक प्रचार के खिलाफ जनता के विवेक और सत्य की विजय भी है।

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