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अतिक्रमण के बहाने उजाडे आशियाने,प्रभावितों के समक्ष भुखमरी के हालात

देहरादून।  प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में किशोर उपाध्याय ने कहा कि प्रदेशभर में सैकडों लोगों के आशियानों को तोड़ दिया गया है। जिससे उनके समघ बेघर होने के साथ ही व्यापार भी चैपट हो गया है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार के इशारे पर अफसर तानाशाही रवैया अपना रहे है। पीड़ित लोगों की पीड़ा को समझने की बजाये उन्हें जबरन उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने पूरे प्रदेश में एक साथ ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा है।प्रदेश में जारी अतिक्रमण विरोधी अभियान को गरीबों के घरों पर त्रिवेंद्र सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक बताते हुए पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने अतिक्रमण विरोधी अभियान की वैधता को भी चुनौती दी है। किशोर ने कहा कि सत्ता के मद में चूर भाजपा सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है। आज प्रदेश के हजारों लोगों के सामने विकट परिस्थितयां खड़ी हो गई है, प्रभावितो को रोजगार,रोजी रोटी के लिये दर दर भटकना पड़ रहा है। हाईकोर्ट के आदेशों के नाम पर अधिकारी देहरादून,टिहरी, हरिद्वार,ऊधमसिंहनगर के बाजारों के साथ ही लोगों के आशियानों को ध्वस्त कर रहे है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण अभियान से प्रभावित प्रेमनगर के हजारों लोगों के समक्ष भुखमरी के हालात पैदा हो गये है। लेकिन मुख्यमंत्री उनकी समस्या का निवारण करना तो दूर इस तरफ झांक तक नहीं रहे है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मांग की है कि यदि हाईकोर्ट का कोई आदेश है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। अधिकारी हर जगह हाईकोर्ट के आदेश की बात कर रहे हैं, लेकिन जिस आदेश की बात हो रही है वह कहीं दिखाया तक नहीं जा रहा। उन्होंने दावा किया कि उनकी जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने ऐसा कोई आदेश दिया ही नहीं है कि एक साथ पूरे प्रदेश के बाजारों और लोगों के व्यवसायिक घरों को ध्वस्त कर दिया जाये। सरकारी मशीनरी हाईकोर्ट की गरिमा के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अतिक्रमण का समर्थन नहीं करती पर जायज निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई गलत है। उपाध्याय ने कहा कि सरकार के निर्देश पर देहरादून, हरिद्वार, टिहरी समेत विभिन्न शहरों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पूरे राज्य में अफरातफरी का माहौल है। इस अभियान के पीछे हाईकोर्ट के आदेश को आधार बनाया जा रहा है। मगर, हाईकोर्ट ने ऐसा कहीं नहीं कहा कि पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा। हाईकोर्ट को सरकार के इस फैसले का संज्ञान लेना चाहिए। किशोर ने साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस अतिक्रमण का समर्थन नहीं करती, लेकिन जो लोग अपने निर्माण कार्य की कपांउडिंग करा चुके है या फिर जिनके निर्माण जायज हैं। उनके निर्माण भी तोड़े जा रहा है। जहां जहां अभियान चलाया जा रहा है, वहां पक्षपात भी किया जा रहा है। गौर हो कि पूर्व पीसीसी चीफ के अनुसार वह मुख्यमंत्री से मुलाकात यह मांग कर चुके है कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन भी अगर किया जा रहा है तो जनभावनाओं को समझने और व्यापक व्यवस्थायें बनाने के बाद ही इसे शुरू किया जाये।

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