February 26, 2026

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सतपाल महाराज ने किया त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं कार्मिकों की दो दिवसीय कार्यशाला कार्यशाला का शुभारम्भ

रूद्रपुर(उद संवाददाता)। शहर के गांधी पार्क में आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं कार्मिकों की दो दिवसीय कार्यशाला का पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायतों का विकास में अहम योगदान है। पंचायती राज व्यवस्था आम ग्रामीण जनता की लोकतंत्र में प्रभावी भागीदारी का सशक्त माध्यम है। 73वें संविधान संशोधन द्वारा एक सुनियोजित पंचायती राज व्यवस्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस संशोधन अधिनियम के जरिये संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ते हुए 29 विषय त्रिस्तीरय पंचायतों को हस्तांतरित किये गये। ग्राम स्तर पर स्थानीय समस्याओं के समाधान विकास का नियोजन प्रबंधन व उनका क्रियान्वन करने के उद्देश्य से 73वें संविधान संशोधन के द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया है। संविधान के प्रदत्त इस अधिदेश के जरिये पंचायतें स्थानीय स्व शासन के रूप में विकसित हो रही है। पंचातयी राज व्यवस्था के माध्यम से आम ग्रामीण जन समुदाय के लिए भागीदारी का मार्ग खुल गया है। सतपाल महाराज ने कहा कि पंचायतों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यक्षमता में वृद्धि की दृष्टि से हमारी सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों का शैक्षिक स्तर निर्धारित करते हुए पंचायत चुनावों में उम्मीदवारी के लिए सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों को न्यूनतम हाईस्कूल तथा सभी वर्ग की महिलाओं एवं अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों के लिए न्यूनतम आठवीं की योग्यता अनिवार्य की है। जिससे पंचायतों को और मजबूती मिलेगी।इसके अलावा सरकार सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध हैं इसी उद्देश्य से क्षेत्र पंचायत प्रमुखों एवं जिला पंचायत अध्यक्षों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से किये जाने हेतु सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 243 के अंतर्गत संशोधन किये जाने हेतु सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। पंचायतों के विकास और सशक्तिकरण के लिए 15वें वित्त आयोग से प्रदेश को अब तक टाइड फण्ड से 933 करोड़ अनटाइड फंड से 718 करोड़ सहित कुल 1651 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है। महाराज ने कहा कि जन आकांक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्ग दर्शन में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए चलाई जा रही विकास योजनाओं के सफल संचालन के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। पंचायतीराज व्यवस्था की मजबूती के लिए निर्वाचित जनप्रतिनिधि अधिकारी एवं कर्मचारी की अपनी भूमिका का जिम्मेदारी से निर्वहन कर सकें व गांवों का सर्वांगीण विकास हो, इसी मूल भावना को देखते हुए पंचायती राज विभाग द्वारा समस्त निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं कार्मिकों का लगातार क्षमता विकास किया जा रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक पुस्तकालय की स्थापना करना भी राज्य सरकार का लक्ष्य है। जिससे ग्रामीण जनों एवं विशेषकर बच्चों के सीखने की क्षमता , जानकारी एवं ज्ञान में अविवृद्धि होगी। सरकार ने ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने की भी पहल की है इसके तहत ग्राम पंचायतों की खाली भूमि पर पार्किंग बनाने, कूड़ा करकट, गंदगी आदि को घर से एकत्र करने, सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट करने, सड़कों की सफाई, मृतक पशुओं को हटाने, कूड़ादान, व्यक्तिगत व सामुदायिक कूड़ा निस्तारण आदि के लिए निर्धारित शुल्क वसूलकर पंचायतों की आय में वृद्धि होगी। ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 3500 किया गया है। त्रिस्तीरय पंचायतों के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव भी शासन स्तर पर विचाराधीर है। इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, महामंत्री अमित नारंग, प्रदेश महामंत्री प्रधान संगठन राजेन्द्र सिंह बिष्ट, जिला मंत्री जगदीश विश्वास, राजीव कुमार त्रिपाठी आदि समेत कई लोग मौजूद थे।

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