February 25, 2026

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मेरी राजनीतिक विरासत संभालने में कई कार्यकर्ता सक्षम: हरीश रावत

हरीश रावत ने कहा: मेरा मन है और मैं पार्टी से भी कहूंगा कि मेरे बेटे को चुनाव लड़ाया जाए
हल्द्वानी(उद संवाददाता)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत बुधवार को हल्द्वानी पहुंचे। इस दौरान एक होटल में पूर्व सीएम हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत की। हरिद्वार लोकसभा सीट से टिकट के बारे में सवाल किया। इस पर हरीश रावत ने कहा कि ये फैसला कांग्रेस पार्टी को करना है। कहां से किसे लड़ाना है ये मेरा अधिकार नहीं है, लेकिन इसके साथ ही हरीश रावत ने अपने बेटे को टिकट मिलने की इच्छा जता दी। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जो भी फैसला करेगा, वह उन्हें मंजूर है। लेकिन मेरा मन है और मैं पार्टी से भी कहूंगा कि मेरे बेटे को चुनाव लड़ाया जाए। हरीश रावत ने कहा कि उनका बेटा बहुत दिनों से समाज और राजनीतिक क्षेत्र में कार्य कर रहा है। कार्य करने वाले को सम्मान भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस जनकी आवाज उठाने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को केंद्र की मोदी सरकार ईडी और सीबीआई का उपयोग कर उत्पीड़न कर रही है, जांच के बाद ईडी के कई मामले गलत साबित हुए है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में सीटों को लेकर अलग अलग राज्यों में समीकरण स्थापित किये जा रहे है। पंजाब और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस अकेले पहले भी अकेले चुनाव लड़ चुकी है। पूर्व सीएम ने इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि उत्तराखंड में वह राजनीतिक और सामाजिक रूप से सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अपने लंबे राजनीतिक कैरियर में उन्होंने कांग्रेस के कई ऊर्जावान नेताओं को प्रोत्साहित किया है और आगे उनकी राजनीतिक विरासत को संभालने में कई कार्यकता मौजूद है। गौरतलब है कि हरदा हरिद्वार सीट पर सकियता बनाये हुए है जबकि वह नैनीताल सीट से चुनाव लड़ चुके है। अब उन्होंने बेटे को चुनाव लड़ाने को लेकर भले ही अपने बेटे का नाम नहीं लिया लेकिन नैनीताल सीट से आनंद रावत को चुनाव लड़ाने को लेकर उन्होंने पहली बार सहमति जताकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उत्तराखंड यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट रह चुके हैं, वो 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। वहीं उनके दूसरे पुत्र वीरेंद्र सिंह रावत भी कांग्रेस में सक्रिय है।

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