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पराली जलाने पर प्रतिबंध और धान खरीद में अव्यवस्थाओं के खिलाफ गरजे किसान,हाईवे जाम करने की चेतावनी

रूद्रपुर । जिले में पराली जलाने पर प्रतिबंध और धान खरीद में अव्यवस्थाओं के खिलाफ जिले भर के किसानों ने आज गल्ला मण्डी में विरोध प्रकट करते हुए धरना दिया और सभा की। इस दौरान किसान नेताओं ने डीएम के आदेश को तुगलगी फरमान बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि शासन प्रशासन किसानों पर अत्चाचार कर रहा है। सरकार की गलत नीतियों के चलते पहले ही किसान परेशान है और संघर्ष करता आ रहा है। अब पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाकर किसानों का शोषण किया जा रहा है। वक्ताओं ने हा कि प्रदूषण के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार नहीं है यह बात सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है। उद्योगों से जो प्रदूषण हो रहा है उसे प्रशासन नजरअंदाज करके किसानों पर नये नये नियम थोप रहा है। किसानो ंने कहा कि पराली के अवशेषों से मात्र दस प्रतिशत प्रदूषण होता है जबकि उद्योगों से कई गुना अधिक प्रदूषण हवा में फैल रहा है इसको लेकर प्रशासन मौन है। किसानों ने कहा कि प्रशासन अगर पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा ही रहा है तो इसके बदले किसानों को प्रतिएकड़ पांच हजार मुवजा दे। क्यों कि पराली नहीं जलाने से किसानों को पांच हजार प्रति एकड़ का नुकसान होगा। किसानों ने एक स्वर में पराली जलाने की अनुमति पूर्व की तरह देने की मांग की। साथ ही किसानों ने धान खरीद में हो रही अव्यवस्थाओं को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। किसानों का कहना था कि धान खरीद धान खरीद के लिए सरकार ने पोर्टल में रजिस्टेªेशन अनिवार्य कर दिया है लेकिन पोर्टल नहीं खुल पाने के कारण किसान रजिस्टेªेशन नहीं कर पा रहे हैं जिससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी, हंगामे के बीच किसानों ने हाईवे जाम करने की चेतावनी भी दे डाली। इस दौरान किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, एडीएम जयभारत सिंह और हल्द्वानी से पहुंचे आरएफसी डी एस चलाल ने किसानों से वार्ता की। उपाध्यक्ष ने कहा कि किसानों का शोषण नहीं होने दिया जायेगा। उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान तराई किसान संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष तजेन्द्र सिंह विर्क, ठाकुर जगदीश सिंह, विक्रमजीत सिंह,अमन ढिल्लो, गुरजीत सिंह चीमा, जसबीर सिंह, हीरा सिंह, पाल सिंह, प्रगट सिंह, विक्रम सिंह, मलूक सिंह, बलजीत सिंह ढिल्लो, हरदीप सिंह आदि सहित कई किसान मौजूद थे।

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